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आरजे शंकरा आई हॉस्पिटल वाराणसी के डॉ युगल किशोर ने मरीजों का नेत्र जांच किया। इस दौरान शिविर में लगभग क्षेत्र के 70 से ज्यादा मरीजों का रजिस्ट्रेशन कर उनका नेत्र परीक्षण किया गया।साथ ही 6 मरीजों के सर्जरी हेतु वाराणसी ले जाने की बात कही गयी। इस बाबत संस्था के संस्थापक संतोष पाण्डेय ने कहा कि ग्रामीण इलाकों में सबसे बड़ी समस्या आंखों की रोशनी की है। मोतियाबिंद के चलते अधिकतर लोगों की रोशनी या तो कम हो जाती है या तो चली जाती है जबकि इसका इलाज संभव है, इसलिए मन में नेत्र रोगियों के परीक्षण करवाने का विचार आया जिसके बाद हॉस्पिटल से संपर्क कर चर्चा की गई। इस पर डॉक्टरों की टीम ने अपनी सहमति बनाई। उन्होंने कहा कि अभी तो इसकी शुरुवात की गई है जिसको संस्था अनवरत जारी रखेगा। वही संस्था की उमा ने मरीजों का पंजीकरण किया व दीप नारायण ने काउंसलिंग करने की जिम्मेदारी उठाई।








