पूविवि के दो शिक्षकों को विश्व के शीर्ष वैज्ञानिकों में मिला स्थान
तेजस टूडे सं.
विरेन्द्र यादव
सरायख्वाजा, जौनपुर। पूर्वांचल विश्वविद्यालय के लिए यह अत्यंत गौरव का क्षण है जब इंजीनियरिंग के डीन प्रो. सौरभ पाल और रज्जू भैया संस्थान के रसायन विज्ञान विभाग के सहायक आचार्य डॉ. मिथलेश यादव को विश्व के शीर्ष दो प्रतिशत प्रभावशाली वैज्ञानिकों की प्रतिष्ठित सूची में स्थान मिला है। स्टैनफोर्ड यूनिवर्सिटी तथा एल्सवेयर द्वारा जारी यह अंतर्राष्ट्रीय रैंकिंग शोध गुणवत्ता, एच-इंडेक्स, साइटेशन और सह-लेखकों की संख्या जैसे कड़े वैज्ञानिक मानकों पर आधारित होती है।
इंजीनियरिंग तथा प्रौद्योगिकी संकाय के संकायाध्यक्ष एवं कंप्यूटर एप्लीकेशन विभाग के प्रो. सौरभ पाल ने अनुसंधान के क्षेत्र में नया कीर्तिमान स्थापित किया है। उन्होंने डेटा माइनिंग, मशीन लर्निंग और हेल्थकेयर एनालिसिस के माध्यम से बीमारियों की सटीक प्रेडिक्शन (पूर्वानुमान) तकनीकें विकसित की हैं। 25 वर्षों से अधिक का शोध अनुभव रखने वाले प्रो. पाल वर्ष 2001 से विश्वविद्यालय में अपनी सेवाएं दे रहे हैं। उनके अब तक 120 से अधिक अंतरराष्ट्रीय शोध पत्र और 10 पुस्तकें प्रकाशित हो चुकी हैं। उनके नाम 6,826 से अधिक गूगल साइटेशन हैं तथा उनका एच-इंडेक्स 38 एवं i10-इंडेक्स 66 है। उनके निर्देशन में 6 शोधार्थी पीएचडी की उपाधि प्राप्त कर चुके हैं जबकि 6 अन्य शोधार्थी वर्तमान में शोधरत हैं।
वहीं रज्जू भैया संस्थान के सहायक आचार्य डॉ. मिथलेश यादव को लगातार छठी बार इस प्रतिष्ठित सूची में स्थान मिला है। पॉलीमर संश्लेषण एवं अनुप्रयोग के क्षेत्र में 16 वर्षों से अधिक का शोध अनुभव रखने वाले डॉ. यादव के अब तक 80 से अधिक अंतरराष्ट्रीय शोध पत्र प्रकाशित हो चुके हैं। उनके नाम 3,894 से अधिक गूगल साइटेशन हैं और उनका एच-इंडेक्स 33 है। वे वर्तमान में अंतर्राष्ट्रीय जर्नल Polymers (MDPI) के संपादक के रूप में कार्यरत हैं तथा बायोपॉलिमर नैनोकम्पोजिट्स पर शोध कर रहे हैं। हाल ही में उन्होंने अंतर्राष्ट्रीय रैंकिंग संस्था ‘स्कॉलरली इंडेक्स’ की प्रतिष्ठित टॉप-1000 स्कॉलर रैंकिंग में भी अपना स्थान बनाया है। डॉ. यादव को कई प्रतिष्ठित संस्थाओं से शोध अनुदान प्राप्त हुए हैं। वे दक्षिण कोरिया और ताइवान में वरिष्ठ शोधकर्ता के रूप में कार्य कर चुके हैं तथा वर्ष 2014 से 2017 तक जामिया मिल्लिया इस्लामिया नई दिल्ली में कोठारी पोस्ट-डॉक्टरल फेलो भी रहे हैं।
इस उत्कृष्ट उपलब्धि पर कुलपति प्रो. राकेश सिंह ने दोनों शिक्षकों को बधाई देते हुए कहा कि यह उपलब्धि पूरे विश्वविद्यालय परिवार के लिए गर्व का विषय है। इससे अन्य शिक्षकों व शोधार्थियों को भी उच्च स्तरीय अनुसंधान के लिए प्रेरणा मिलेगी। साथ ही कुलसचिव विनोद सिंह, प्रो. मिथिलेश सिंह, प्रो. मनोज मिश्र, प्रो. राजेश शर्मा, प्रो. प्रमोद यादव, प्रो. प्रमोद कुमार, प्रो. प्रदीप कुमार, प्रो. गिरिवर मिश्र, प्रो. राजेश सिंह, प्रो. संदीप सिंह, प्रो. रजनीश भास्कर, डॉ. रसिकेश, डॉ. दिग्विजय सिंह राठौर, डॉ. सुनील कुमार, डॉ. अन्नू त्यागी, डॉ. जान्हवी श्रीवास्तव, डॉ. आशीष वर्मा सहित विश्वविद्यालय के समस्त शिक्षकों एवं कर्मचारियों ने भी दोनों वैज्ञानिकों को बधाई दिया।












