Homeबांदाश्री अन्न के उत्पादों को बड़ी मात्रा में पैदावार बढ़ायेंः कृषि मंत्री

श्री अन्न के उत्पादों को बड़ी मात्रा में पैदावार बढ़ायेंः कृषि मंत्री

श्री अन्न के उत्पादों को बड़ी मात्रा में पैदावार बढ़ायेंः कृषि मंत्री

रूपा गोयल
बांदा। कृषि, कृषि शिक्षा एवं कृषि अनुसंधान मंत्री उप्र सूर्य प्रताप शाही के मुख्य आतिथ्य तथा विशिष्ट अतिथि बलदेव सिंह औलख राज्यमंत्री उ0प्र0, कृषि, कृषि शिक्षा एवं कृषि अनुसंधान तथा डॉ0 देवेश चतुर्वेदी अपर मुख्य सचिव कृषि उ0प्र0 शासन की उपस्थिति में श्री अन्नोत्सव 2023 कार्यक्रम के अन्तर्गत बुन्देलखण्ड एवं विंध्य क्षेत्र में श्रीअन्न, प्राकृतिक खेती, औद्यानिक फसलों एवं पशुपालन को बढ़ावा देने हेतु कार्यशाला का आयोजन रानी दुर्गावती मेडिकल कॉलेज में हुआ। कृषि मंत्री शाही ने श्रीअन्न को बढावा देने हेतु आयोजित कार्यशाला तथा श्रीअन्न के उत्पादों एवं प्राकृतिक खेती को बढाने के सम्बन्ध में आयोजित श्री अन्नोत्सव 2023 एक्सपो का फीता काटकर शुभारम्भ किया एवं एक्सपो में लगाये गये स्टालों का गहनता से निरीक्षण किया। इसके पश्चात उन्होंने श्रीअन्न के उत्पादन को बढाने हेतु लोंगो में जनजागरूकता लाये जाने के लिए किसानों तथा श्रीअन्न के प्रचार-प्रसार हेतु तैयार किये गये वाहनों सहित रैली को हरी झण्डी दिखाकर रवाना किया। यह जागरूकता रैली रानी दुर्गावती मेडिकल कॉलेेज से बांदा शहर के विभिन्न स्थानों से होते हुए विकास भवन में समाप्त हुई। कार्यशाला में हजारों की संख्या में विंध्य एवं बुन्देलखण्ड के विभिन्न जनपदों से आए हुए हजारों किसानों को सम्बोधित करते हुए कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही ने कहा कि पिछले छः वर्षों में आयोजित विभिन्न कार्यशालाओं में जनपद में आयोजित कार्यशाला सबसे सफल एवं महत्वपूर्ण रही है जिसमें श्री अन्न के उत्पादों को बडी मात्रा में पैदावार बढाने तथा प्राकृतिक खेती के क्षेत्र में और अधिक विस्तार किये जाने हेतु महत्वपूर्ण सुझाव कार्यशाला में प्राप्त हुए हैं, इन सुझावों को शामिल कर आगे कृषि की कार्ययोजना एवं व्यवस्था की जायेगी। भारत की अर्थ व्यवस्था में कृषि क्षेत्र कि लगभग 25 प्रतिशत हिस्सेदारी है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री एवं मुख्यमंत्री कृषि क्षेत्र को प्राथमिकता पर रखते हुए किसानों की समृद्धि लाने के लिए अनेकों कार्य किये हैं। कार्यशाला में कृषि राज्यमंत्री बलदेव सिंह ने कहा कि पहले पानी के संसाधन कम होने के कारण मक्का, ज्वार, बाजरा, चना, अरहर आदि फसलों की खेती की जाती है किन्तु इन फसलों का उचित मूल्य न मिल पाने के कारण किसान गेंहू व धान तथा गन्ना आदि की खेती करने लगे लेकिन अब प्रधानमंत्री एवं मुख्यमंत्री जी के प्रयासों से पुनः श्रीअन्न की खेती के पुराने उत्पादों को बढावा देने हेतु प्रयास किये जा रहे हैं, क्योंकि श्रीअन्न में पौष्टिकता होती है और इन फसलों के उत्पाादन में रसायनिक उर्वरकों का प्रयोग नहीं किया जाता है, इस कारण खर्च कम होता है और लाभ अधिक मिलता है इसलिए श्रीअन्न की खेती अपनाकर अपना एवं अपने परिवार का विकास करें। सरकार द्वारा किसानों को सिंचाई हेतु सोलर पम्प में 60 प्रतिशत अनुदान तथा उपकरण क्रय करने में भी अनुदान दिये जाने के साथ निःशुल्क बीज किट भी वितरित किये जा रहे हैं। अपर मुख्य सचिव कृषि देवेश चतुर्वेदी ने कहा कि श्रीअन्न एवं प्राकृतिक खेती महत्वपूर्ण है तथा बुन्देलखण्ड क्षेत्र इसके लिए उपयोगी है। औषधीय फसलों का हब बुन्देलखण्ड क्षेत्र हो सकता है। श्रीअन्न सुपर फूड है जिसमें पौष्टिक तत्व अधिक हैं। उन्होंने कहा कि बच्चों में कुपोषण को समाप्त करने एवं गर्भवती माताओं के स्वास्थ्य के लिए श्रीअन्न बहुत ही महत्वपूर्ण है। विद्यालयों के मिड-डे-मील एवं आंगनबाडी में भी श्री अन्न के पौष्टिक आहार का वितरण किया जायेगा। श्रीअन्न का उत्पादन करनेे वाले एफपीओ से एमओयू बीज उत्पादन हेतु किया जायेगा। जिलाधिकारी दुर्गाशक्ति नागपाल ने कहा कि श्रीअन्न एवं प्राकृतिक खेती को बढाने के लिए जनपद में प्रयास निरन्तर किये जा रहे हैं। उन्होंने किसानों से आह्वाह किया कि अधिक से अधिक किसान संगठित होकर श्रीअन्न एवं प्राकृतिक खेती को अपनायें जिससे उनकी आमदनी मेें भी वृद्धि होगी। उन्होंने समस्त अतिथियों एवं गोष्ठी में प्रतिभाग करने वाले कृषि वैज्ञानिकों एवं प्रगतिशील किसानों का आभार व्यक्त किया। कार्यशाला में जिला पंचायत अध्यक्ष सुनील सिंह पटेल, एमएलसी जितेन्द्र सिंह सेंगर, पद्मश्री उमाशंकर पाण्डेय, कृषि वैज्ञानिक डॉ0नरेन्द्र सिंह, डॉ0 आनन्द सिंह, डॉ0 कमालुद्दीन, डॉ0जी0एस0 पवार ने अपने विचार व्यक्त करते हुए श्रीअन्न एवं प्राकृतिक खेती को बढाये जाने पर जोर दिया। कार्यशाला में उ0प्र0 राज्य महिला आयोग की सदस्य प्रभा गुप्ता, मुख्य विकास अधिकारी वेद प्रकाश मौर्य, पुलिस अधीक्षक अंकुर अग्रवाल, भाजपा जिलाध्यक्ष संजय सिंह सहित संयुक्त निदेशक कृषि, कृषि वैज्ञानिकगण तथा अन्य गणमान्य लोग उपस्थित रहे। कार्यक्रम का संचालन संजीव बघेल एवं अर्चना भारती ने संयुक्त रूप से किया। राजकीय महिला डिग्री कॉलेज की छात्राओं द्वारा श्रीअन्न की खेती को बढावा देनेे हेतु उत्कृष्ट नाटक का मंचन किया। कार्यशाला के साथ आयोेजित श्रीअन्न एक्सपो-2023 में आयोजित प्रदर्शनी में जैविक कृृषि उत्पाद बांदा कृषि विश्व विद्यालय, कृषि वानिकी अनुसंधान, राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन, खाद्य एवं रसद विभाग, जल जीवन मिशन कृषि विभाग पशुपालन विभाग सहित अन्य जनपदों के कृषि सम्बन्धी स्टाल लगाये गये।

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