बुन्देलखण्ड राष्ट्र समिति के संस्थापक ने योग दिवस पर किया योगा

Jayesh Badal ललितपुर। पुलिस अधीक्षक कैप्टन एमएम बेग के निर्देशानुसार अपराध और अपराधियों पर लगाम लगाने के लिए जब पुलिस चौकी विर्धा में तैनात इंस्पेक्टर धर्मेंद्र सिंह ड्यूटी कर रहे थे तभी उन्हें टीला पुल के नीचे एक संदिग्ध व्यक्ति दिखाई दिया। जब उन्होंने उसे रोककर पूछताछ की तो वह घबरा गया पूछताछ के दौरान उसने अपना नाम गजेंद्र सिंह पुत्र राजेंद्र सिंह निवासी ग्राम बरौदा थाना जखौरा हाल निवासी सरस्वती शिशु मंदिर के पीछे नई बस्ती सदर कोतवाली क्षेत्र बताया। उन्होंने जब उसकी तलाशी ली तो उसके पास से एक पुड़िया बरामद हुई जिसमें लगभग 140 ग्राम नशीला पाउडर मौजूद था। सदर कोतवाली पुलिस ने उक्त मामले को संज्ञान में लेकर आरोपी के खिलाफ 21/22 एनडीपीएस एक्ट में मामला पंजीकृत कर कार्रवाई की है।

ललितपुर। बुन्देलखण्ड राष्ट्र समिति के संस्थापक प्रवीण पाण्डेय व स्वयंसेवकों द्वारा खागा नगर में योग दिवस पर किया गया योग। स्वामी विवेकानंद ने कहा था कि योग भारत की प्राचीन परंपरा का एक अमूल्य उपहार है यह दिमाग और शरीर की एकता का प्रतीक है, मनुष्य और प्रकृति के बीच सामंजस्य है, विचार, संयम और पूर्ति प्रदान करने वाला है तथा स्वास्थ्य और भलाई के लिए एक समग्र दृष्टिकोण को भी प्रदान करने वाला है। यह व्यायाम के बारे में नहीं है, लेकिन अपने भीतर एकता की भावना, दुनिया और प्रकृति की खोज के विषय में है। हमारी बदलती जीवन-शैली में यह चेतना बनकर, हमें जलवायु परिवर्तन से निपटने में मदद कर सकता है। तो आयें एक अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस को गोद लेने की दिशा में काम करते हैं।

ललितपुर। बुन्देलखण्ड राष्ट्र समिति के संस्थापक प्रवीण पाण्डेय व स्वयंसेवकों द्वारा खागा नगर में योग दिवस पर किया गया योग।
स्वामी विवेकानंद ने कहा था कि योग भारत की प्राचीन परंपरा का एक अमूल्य उपहार है यह दिमाग और शरीर की एकता का प्रतीक है, मनुष्य और प्रकृति के बीच सामंजस्य है, विचार, संयम और पूर्ति प्रदान करने वाला है तथा स्वास्थ्य और भलाई के लिए एक समग्र दृष्टिकोण को भी प्रदान करने वाला है।

यह व्यायाम के बारे में नहीं है, लेकिन अपने भीतर एकता की भावना, दुनिया और प्रकृति की खोज के विषय में है। हमारी बदलती जीवन-शैली में यह चेतना बनकर, हमें जलवायु परिवर्तन से निपटने में मदद कर सकता है। तो आयें एक अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस को गोद लेने की दिशा में काम करते हैं।

ललितपुर। बुन्देलखण्ड राष्ट्र समिति के संस्थापक प्रवीण पाण्डेय व स्वयंसेवकों द्वारा खागा नगर में योग दिवस पर किया गया योग। स्वामी विवेकानंद ने कहा था कि योग भारत की प्राचीन परंपरा का एक अमूल्य उपहार है यह दिमाग और शरीर की एकता का प्रतीक है, मनुष्य और प्रकृति के बीच सामंजस्य है, विचार, संयम और पूर्ति प्रदान करने वाला है तथा स्वास्थ्य और भलाई के लिए एक समग्र दृष्टिकोण को भी प्रदान करने वाला है। यह व्यायाम के बारे में नहीं है, लेकिन अपने भीतर एकता की भावना, दुनिया और प्रकृति की खोज के विषय में है। हमारी बदलती जीवन-शैली में यह चेतना बनकर, हमें जलवायु परिवर्तन से निपटने में मदद कर सकता है। तो आयें एक अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस को गोद लेने की दिशा में काम करते हैं।

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