बाघिन की तलाश में जुटा वन विभाग, नये पदचिह्न मिलने से बढ़ी हलचल
किसान की मौत के बाद भी नहीं थमा खौफ, तेंदुए की दस्तक से भी ग्रामीण परेशान
तेजस टूडे ब्यूरो
संदना, सीतापुर। स्थानीय क्षेत्र में वन्य जीवों की आवाजाही ग्रामीणों के लिए परेशानी का सबब बनी हुई है। रसूलवा गांव में किसान की जान लेने वाली बाघिन अब तक वन विभाग के हाथ नहीं लगी है। उसकी तलाश के बीच सरायन नदी के किनारे और सिसेंडी के जंगल में पदचिह्न मिलने से वन विभाग की सक्रियता बढ़ गई है। लगातार निगरानी के बावजूद बाघिन का पता नहीं चलने से ग्रामीणों में नाराजगी है। उनका कहना है कि लंबे समय से खतरा बना हुआ है लेकिन अभी तक राहत नहीं मिली है। बीट प्रभारी अनुभव वर्मा ने बताया कि सरायन नदी के किनारे और सिसेंडी के जंगल में बाघिन के पदचिह्न मिले हैं। वन विभाग की टीम इन क्षेत्रों में निगरानी कर रही है और उसके आने-जाने के संभावित रास्तों पर नजर रखी जा रही है।
गौरतलब है कि रसूलवा गांव में खेत पर काम कर रहे कमल किशोर (53) पर बाघिन ने हमला कर दिया था। इस घटना में उनकी मौत हो गई थी। इसके बाद वन विभाग ने पिंजरे, कैमरे और ड्रोन की सहायता से उसकी तलाश शुरू की थी। इधर दहेलरा और रामपुर खेवटा क्षेत्र में तेंदुए की मौजूदगी की घटनाओं ने भी ग्रामीणों की चिंता बढ़ाई है। रेंजर सिकंदर सिंह ने बताया कि वन विभाग की टीमें दोनों वन्यजीवों की गतिविधियों पर नजर रख रही हैं। क्षेत्र में निगरानी जारी है। ग्रामीणों से सतर्क रहने और खेतों में अकेले नहीं जाने की अपील की गई है।











