अग्निपथ योजना को वापस लेने की भाकियू ने उठायी मांग, सौंपा ज्ञापन
अनिल कश्यप
हापुड़। भारतीय किसान यूनियन असली अराजनैतिक के पदाधिकारी व कार्यकर्ताओं ने जिलाधिकारी कार्यालय पहुंचकर एक ज्ञापन जिलाधिकारी के माध्यम से राष्ट्रपति के नाम सौंपा। ज्ञापन में किसानों ने अग्निपथ योजना को वापस लेने की राष्ट्रपति से मांग की।

बता दें कि किसानों ने ज्ञापन के माध्यम से कहा कि पिछले तीन वर्ष से सेना मे भर्ती पर रोक लगी हुई है, अपितु हजारों नौजवानों के मेडिकल और फिटनेस टेस्ट होने के उपरांत भी सेना में नौकरी की बाट जोह रहे थे। इस अग्निपथ योजना की घोषणा के बाद किसान, मजदूर, गाँवों और गरीब परिवारों के नौजवानों के सेना में भर्ती होने के सपनों पर कुठाराघात हुआ। चार वर्षों की अग्नियथ योजना मे कोई पेंशन प्रावधान नहीं है। चार वर्षों के बाद सेवा मुक्त सैनिकों के सामायोजन की योजना की स्पष्टता न होने के कारण नौजवानों का भविष्य अंधकारमय है। नौजवान आंदोलित है। देश में 13.50 लाख सैनिक है और हर वर्ष 50 हजार सैनिक सेवामुक्त होते है जबकि अग्निपथ योजना के तहत सैनिकों की संख्या में काफी कमी आएगी और हमारी सीमाएँ असुरक्षित हो जाएगी। ज्ञापन के माध्य्म से किसानों ने अपील किया कि इस अग्नियथ योजना के नुकसान का आंकलन और नौजवानों के भावनाओं की कद्र करते हुए केन्द्र सरकार को तत्काल इस योजना को जनहित में वापस लेने का आदेश दें।
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