बेटी बचाओ—बेटी पढ़ाओ: सखी वार्ता कार्यक्रम आयोजित
स्वास्थ्य एवं स्वच्छता को लेकर किया गया जागरूक
तेजस टूडे ब्यूरो
दिनेश तिवारी
रोहतास, बिहार। मासिक धर्म को लेकर संकोच और भ्रांतियां किशोरियों के स्वास्थ्य एवं आत्मविश्वास में बाधा न बनें जिसके लिए महिला एवं बाल विकास निगम और जिला प्रशासन ने जागरूकता की पहल किया। गुरुवार को सासाराम के धनकाढ़ा में ‘बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ’ योजना के तहत किशोरी मंच की बालिकाओं के लिए एमएचएम (मासिक धर्म स्वच्छता प्रबंधन) किट वितरण एवं सखी वार्ता कार्यक्रम किया गया। इस दौरान किशोरियों के बीच 50 एमएचएम किट वितरित की गईं और उन्हें मासिक धर्म के दौरान स्वच्छता, व्यक्तिगत साफ-सफाई तथा स्वास्थ्य संबंधी सावधानियों की जानकारी दी गई। कार्यक्रम का उद्देश्य किशोरियों को मासिक धर्म से जुड़ी सही जानकारी उपलब्ध कराना और उन्हें अपनी समस्याओं एवं शंकाओं पर खुलकर बात करने के लिए प्रोत्साहित करना था। सखी वार्ता के माध्यम से बालिकाओं को अपने अनुभव साझा करने का अवसर मिला। उन्हें सुरक्षित एवं स्वच्छ सामग्री के इस्तेमाल, नियमित साफ-सफाई और स्वस्थ जीवनशैली अपनाने के महत्व से अवगत कराया गया।
मासिक धर्म प्राकृतिक प्रक्रिया, भ्रांतियों से बचना जरूरी
जिला परियोजना प्रबंधक मोहम्मद शमीम अंसारी ने किशोरियों को संबोधित करते हुए कहा कि मासिक धर्म एक प्राकृतिक शारीरिक प्रक्रिया है। इससे जुड़ी भ्रांतियों और अनावश्यक संकोच को दूर करने के लिए सही जानकारी प्राप्त करना जरूरी है। उन्होंने स्वास्थ्य के प्रति जागरूक रहने और स्वच्छता संबंधी आदतों को दैनिक जीवन में अपनाने का संदेश दिया। कार्यक्रम के माध्यम से किशोरियों में आत्मविश्वास बढ़ाने, स्वास्थ्य संबंधी जागरूकता विकसित करने और उन्हें अपनी समस्याओं पर बेझिझक संवाद करने के लिए प्रेरित किया गया। आयोजकों के अनुसार इस तरह की पहल किशोरियों को जागरूक बनाने के साथ उन्हें स्वस्थ एवं सशक्त जीवन की दिशा में आगे बढ़ने में मदद करती है। कार्यक्रम में समृद्धि संस्थान की सचिव तारा सिंह, जिला मिशन समन्वयक, डॉ. फरहत दुर्रानी और किशोरी मंच की बालिकाएं उपस्थित रहीं।













