Saturday, December 10, 2022
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मूत्र रोकने से पथरी होने की संभावना अधिकः डॉ. विकास कुमार | #TEJASTODAY

वरिष्ठ यूरोलॉजिस्ट डा. कुमार ने कहा- गुर्दे को नुकसान पहुंचाता है क्रिस्टल वाराणसी। मूत्र संक्रमणों और रोगों के प्रति महिलाएं ज्यादा संवेदनशील होती हैं। क्योंकि पुरुषों के मुकाबले महिलाओं के मूत्र मार्ग की लंबाई अधिक होती है। वॉशरूम का उपयोग करने के बाद जननांग क्षेत्र को सामने के भाग से पीछे की ओर पोंछना चाहिये। योनि क्षेत्रों में सुगंधित साबुन और क्लीन्जर का उपयोग करने से बचना चाहिये। यह बातें वाराणसी के वरिष्ठ यूरोलॉजिस्ट डॉ. विकास कुमार ने एक भेंट के दौरान कही। जनपद के सरस्वती यूरो केयर पहड़िया में लोगों की समस्या के समाधान के लिए मौजूद डा. कुमार ने बताया कि संबंध बनाने के बाद महिलाओं को कुछ विशेष ध्यान देना चाहिये। उन्होंने बताया कि महिलाओं को मूत्र संक्रमण से बचाव के लिये साफ-सफाई का ध्यान रखना चाहिये और बहुत देर तक पेशाब नहीं रोकना चाहिये। किडनी और यूट्ररल स्टोन में मूत्र को रोकने से पथरी होने की संभावना बढ़ जाती है। यह मूत्र में क्रिस्टल के गठन से होता है जो किडनी या पाइलोनफ्राइटिस में रुकावट का कारण बनता है और गुर्दे को नुकसान पहुंचा सकता है। ये मूत्र प्रवाह में रुकावट पैदा कर सकते हैं जिससे गंभीर दर्द हो सकता है। स्टोन यानी पथरी कितनी तरह की होती है या पथरी के प्रकारों को समझकर आप उसके इलाज में मदद पा सकते हैं। उन्होंने कहा कि कुछ स्टोन जो आकार में बहुत छोटे हैं, को सेहतमंद आहार के साथ ठीक किया जा सकता है या उसे बढ़ने से रोका जा सकता है। उपरोक्त बातों का अनुसरण कर आप अच्छी सेहत पा सकते हैं। इसके साथ ही आप मूत्र संचारित संक्रमणों (यूटीआई) से भी बच सकते हैं। इलाज से बचाव बेहतर होता है तो अपनी नियमित आदतों में जरा से बदलाव करें और बेहतर स्वास्थ्य की ओर अग्रसर हों।

वरिष्ठ यूरोलॉजिस्ट डा. कुमार ने कहा- गुर्दे को नुकसान पहुंचाता है क्रिस्टल

वाराणसी। मूत्र संक्रमणों और रोगों के प्रति महिलाएं ज्यादा संवेदनशील होती हैं। क्योंकि पुरुषों के मुकाबले महिलाओं के मूत्र मार्ग की लंबाई अधिक होती है। वॉशरूम का उपयोग करने के बाद जननांग क्षेत्र को सामने के भाग से पीछे की ओर पोंछना चाहिये। योनि क्षेत्रों में सुगंधित साबुन और क्लीन्जर का उपयोग करने से बचना चाहिये। यह बातें वाराणसी के वरिष्ठ यूरोलॉजिस्ट डॉ. विकास कुमार ने एक भेंट के दौरान कही। जनपद के सरस्वती यूरो केयर पहड़िया में लोगों की समस्या के समाधान के लिए मौजूद डा. कुमार ने बताया कि संबंध बनाने के बाद महिलाओं को कुछ विशेष ध्यान देना चाहिये।

उन्होंने बताया कि महिलाओं को मूत्र संक्रमण से बचाव के लिये साफ-सफाई का ध्यान रखना चाहिये और बहुत देर तक पेशाब नहीं रोकना चाहिये। किडनी और यूट्ररल स्टोन में मूत्र को रोकने से पथरी होने की संभावना बढ़ जाती है। यह मूत्र में क्रिस्टल के गठन से होता है जो किडनी या पाइलोनफ्राइटिस में रुकावट का कारण बनता है और गुर्दे को नुकसान पहुंचा सकता है। ये मूत्र प्रवाह में रुकावट पैदा कर सकते हैं जिससे गंभीर दर्द हो सकता है। स्टोन यानी पथरी कितनी तरह की होती है या पथरी के प्रकारों को समझकर आप उसके इलाज में मदद पा सकते हैं।

उन्होंने कहा कि कुछ स्टोन जो आकार में बहुत छोटे हैं, को सेहतमंद आहार के साथ ठीक किया जा सकता है या उसे बढ़ने से रोका जा सकता है। उपरोक्त बातों का अनुसरण कर आप अच्छी सेहत पा सकते हैं। इसके साथ ही आप मूत्र संचारित संक्रमणों (यूटीआई) से भी बच सकते हैं। इलाज से बचाव बेहतर होता है तो अपनी नियमित आदतों में जरा से बदलाव करें और बेहतर स्वास्थ्य की ओर अग्रसर हों।

 

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