धूमधाम से निकाली गई श्री झूलेलाल की शोभायात्रा
शोभायात्रा में सिंधी समाज के लोगों ने की शिरकत
तेजस टूडे ब्यूरो
रूपा गोयल
बांदा। हर वर्ष के भांति इस वर्ष भी श्री झूलेलाल चालीहा महोत्सव के समापन के उपलक्ष्य में श्री बहराणा साहिब एवं ज्योतियु साहिब जी की विशाल शोभायात्रा निकाली गयी।
चालीस दिन नित्य नेम से श्री झूलेलाल मंदिर एवं श्री सिंधी गुरुधाम में में रोजाना झूलेलाल भगवान जी की प्रार्थना झूलेलाल भगवान जी के पंजड़े चालीसा पाठ अख्खो पल्लव देश के अमन शांति के लिये होते रहे उसके उपरांत 41 वें दिन भगवान झूलेलाल के स्वरूप श्री बहराणा साहिब ज्योतियु साहिब जी की विशाल शोभायात्रा निकाली गयी जो कि सिंधी गुरुधाम से चलकर श्री झूलेलाल मंदिर सराय पहुँची वहाँ पर सिंधी समाज के लोगों ने शोभायात्रा का भव्य स्वागत किया। तत्पश्चात आरती पूजन करके शोभायात्रा शंकर गुरु चौराहाए माहेश्वरी देवीएबलखंडी नाकाए क्योटरा होकर कर केन नदी में इस मेले समापन हुआ। सिंधी समाज के लोगों ने शोभायात्रा का स्वागत किया जगह जगह प्रसाद बांटा। भारी बरसात में भी सिंधी समाज के लोगों का उत्साह कम नहीं हुआ। भगवान झूलेलाल जी के भजनों में खूब थिरके भक्त अयोलाल झूलेलाल के जयकारों से वातावरण गूँजायमान रहा। भगत अमरलाल जी ने बताया कि मिर्ख बादशाह जो कि हिन्दुयों का धर्मान्तरण करना चाहता था इसलिए हिंदू सिंधी भाइयों ने मिलके सिंधु नदी किनारे 40 दिन भूखे प्यासे रहकर वरुण अवतार भगवान झूलेलाल जी की प्रार्थना की 41वें दिन भागवान झूलेलाल जी उनको तपस्या खुश होकर प्रकट हुए और उनको बोला कि उनको धर्मांतरण से बचाएंगे तब से भगवान झूलेलाल जी का चालीसा महोत्सव हर साल बड़े ही हर्षोउल्लास के मनाया जाता है। मेले में सिंधी समाज के भगत अमरलाल एवं सिंधी समाज के सम्मानित लोग प्रेम आहूजा, नुतनदास, श्याम आरेजा, नामामल, दौलत पंजवानी, सुनील भागवानी आदि उपस्थित रहे।
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