HomeTrendingखेत बचाओ अभियान: किसानों को बताया मिट्टी की सेहत सुधारने का तरीका

खेत बचाओ अभियान: किसानों को बताया मिट्टी की सेहत सुधारने का तरीका

  • खेत बचाओ अभियान: किसानों को बताया मिट्टी की सेहत सुधारने का तरीका

  • गजपुर में कृषक जागरूकता कार्यक्रम का हुआ आयोजन

  • मृदा परीक्षण एवं संतुलित उर्वरक प्रयोग पर दिया गया जोर

तेजस टूडे ब्यूरो
प्रमोद गोस्वामी
सन्त कबीर नगर। खेत बचाओ अभियान के तहत कृषि विज्ञान केंद्र संतकबीर नगर एवं कृषि विभाग के संयुक्त तत्वावधान में गुरुवार को ग्राम गजपुर में कृषक जागरूकता कार्यक्रम हुआ। कार्यक्रम में किसानों को मृदा स्वास्थ्य संरक्षण, संतुलित उर्वरक प्रबंधन और वैज्ञानिक खेती के तौर-तरीकों की जानकारी दी गई। कार्यक्रम कृषि विज्ञान केंद्र के वरिष्ठ वैज्ञानिक एवं अध्यक्ष डॉ. सीपीएन गौतम के नेतृत्व में हुआ। इस दौरान केंद्र के वैज्ञानिक डॉ. दुर्गेश कुमार ने किसानों को संबोधित करते हुए कहा कि मिट्टी कृषि उत्पादन का आधार है। इसकी उर्वरता बनाए रखने के लिए नियमित मृदा परीक्षण कराना और मृदा स्वास्थ्य कार्ड के अनुसार उर्वरकों का प्रयोग करना जरूरी है। उन्होंने रासायनिक उर्वरकों के अंधाधुंध इस्तेमाल से बचने तथा गोबर की खाद, जैविक खाद और हरी खाद के प्रयोग को बढ़ावा देने की सलाह दी।

फसल चक्र एवं प्राकृतिक खेती पर जोर
डॉ. दुर्गेश कुमार ने समेकित पोषक तत्व प्रबंधन (आईएनएम), फसल चक्र, दलहनी फसलों की खेती और फसल अवशेष प्रबंधन के महत्व को समझाया। साथ ही कहा कि खेती में वैज्ञानिक तकनीकों को अपनाकर कम लागत में बेहतर उत्पादन प्राप्त किया जा सकता है। साथ ही समेकित नाशीजीव प्रबंधन (आईपीएम) के तहत जैविक और यांत्रिक विधियों के इस्तेमाल से कीटों पर नियंत्रण करने तथा रासायनिक कीटनाशकों पर निर्भरता कम करने की जानकारी दी।

आने वाली पीढ़ियों के लिये मिट्टी बचाना जरूरी
उन्होंने कहा कि मिट्टी का स्वास्थ्य बनाए रखना केवल वर्तमान उत्पादन के लिए ही नहीं, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के लिए भी जरूरी है। किसानों को प्राकृतिक संसाधनों का विवेकपूर्ण उपयोग करते हुए संतुलित पोषण और मृदा संरक्षण को खेती का हिस्सा बनाना चाहिए। कार्यक्रम के माध्यम से किसानों को संदेश दिया गया कि स्वस्थ मिट्टी, संतुलित पोषण और वैज्ञानिक कृषि पद्धतियां ही टिकाऊ खेती एवं बेहतर उत्पादन का आधार हैं।

 

 

 

 

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