राष्ट्र सेविका समिति ने किया पथ संचलन, नारी शक्ति ने दिखाया अनुशासन एवं शौर्य

  • राष्ट्र सेविका समिति ने किया पथ संचलन, नारी शक्ति ने दिखाया अनुशासन एवं शौर्य

तेजस टूडे ब्यूरो
अब्दुल शाहिद
बहराइच। राष्ट्र सेविका समिति विभाग द्वारा विजयदशमी पर नगर में भव्य एवं अनुशासित पथ संचलन का आयोजन हुआ। पूर्ण गणवेश में कदम से कदम मिलाकर आगे बढ़ती सेविकाओं का नगरवासियों ने विभिन्न स्थानों पर पुष्पवर्षा करके आत्मीय स्वागत किया। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में बाबू सुंदर सिंह इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी लखनऊ की अध्यक्ष रीना सिंह तथा मुख्य वक्ता के रूप में पूर्वी उत्तर प्रदेश क्षेत्र की क्षेत्र प्रचारिका सुश्री शशि दीदी उपस्थित रहीं।
मुख्य अतिथि रीना सिंह ने भारत माता के चरणों में नमन करते हुए कहा कि राष्ट्र सेविका समिति सेवा, समर्पण और संगठन का अनुपम उदाहरण है। मां दुर्गा हमें अन्याय और अधर्म के विरुद्ध संघर्ष करने की शक्ति प्रदान करती हैं। भारतीय इतिहास में रानी लक्ष्मी बाई, राजमाता जीजा बाई, लोक माता अहिल्या बाई होलकर जैसी वीरांगनाओं ने सिद्ध किया है कि नारी केवल ममता और वात्सल्य की ही प्रतिमूर्ति नहीं, अपितु आतताइयों का संहार करने में भी पूर्णतः सक्षम है। आज की नारी को शिक्षित और आत्मनिर्भर होने के साथ-साथ परिवार को सुसंस्कारित करने और राष्ट्र के प्रति जागरूक रहने की आवश्यकता है। वर्तमान दौर में बच्चों पर मोबाइल व सोशल मीडिया के बढ़ते दुष्प्रभावों पर चिंता व्यक्त करते हुए उन्होंने कहा कि आधुनिकता और संस्कारों के संतुलन में मातृशक्ति की भूमिका सबसे महत्वपूर्ण है। पथ संचलन हमें अनुशासन, संगठन और समरस समाज के निर्माण की प्रेरणा देता है।
मुख्य वक्ता क्षेत्र प्रचारिका शशि दीदी ने अपने पाथेय में कहा कि बहराइच की पावन धरा सदैव ज्ञान और शौर्य की साक्षी रही है। राष्ट्र सेविका समिति का मूल ध्येय विपरीत परिस्थितियों में भी परिवारों में सुसंस्कारों का बीजारोपण कर समाज व राष्ट्र को सशक्त बनाना है। भारतीय पर्व और परंपराएं हमें प्रकृति और संस्कृति के संरक्षण का संदेश देती हैं। देश को अपनी जड़ों की उपेक्षा कर केवल भौतिक विकास नहीं चाहिए, अपितु विकास और सांस्कृतिक विरासत दोनों साथ चलने चाहिए। हमारा जीवन केवल व्यक्तिगत सुख और परिवार तक सीमित न रहकर राष्ट्रहित के लिए समर्पित होना चाहिए। यदि नारी में कोमलता और मातृत्व का भाव है तो आवश्यकता पड़ने पर वह रणभूमि में शौर्य का प्रदर्शन करने से भी पीछे नहीं हटती। राष्ट्रहित में जब भी आवश्यकता होगी, मातृशक्ति अडिग होकर खड़ी रहेगी।
विभाग कार्यवाहिका सुनीता सिंह ने आभार व्यक्त करते हुए कहा कि अनुशासित संचलन से सशक्त समाज और सशक्त समाज से ही एक समर्थ व अजेय राष्ट्र का निर्माण संभव है। उन्होंने कार्यक्रम में पधारे हुए सभी अतिथियों, प्रबुद्ध नागरिकों और समिति की बहनों के प्रति आभार ज्ञापित किया। तदुपरांत सरस्वती विद्या मंदिर परिसर में प्रार्थना के पश्चात पथ संचलन का शुभारंभ हुआ। घोष की धुन और कदमताल के साथ संचलन इंदिरा स्टेडियम, गुरु नानक चौक, छोटी बाजार, ऐतिहासिक घंटाघर, पीपल तिराहा, कलेक्ट्रेट डीएम तिराहा तथा पानी टंकी होते हुए पुनः सरस्वती विद्या मंदिर पहुंचा। मार्ग में विभिन्न सामाजिक संगठनों व नागरिकों ने पुष्पवर्षा कर संचलन का स्वागत किया। विद्यालय परिसर में भारत माता की सामूहिक आरती के उपरांत कार्यक्रम का विधिवत समापन हुआ।
इस अवसर पर जिला कार्यवाहिका शीला वर्मा, जिला शारीरिक प्रमुख प्रेरणा, विभाग सेवा प्रमुख मंजू, नानपारा जिला कार्यवाहिका प्रियंका, मनीषा खन्ना, श्रुति, अंजलि, रेखा, रीना, नीलम, सुधा सहित बड़ी संख्या में समिति की सेविकाएं एवं नगर की मातृशक्ति उपस्थित रहीं।