डॉ. आशुतोष जायसवाल को मिली पीएच.डी. की उपाधि

तेजस टूडे ब्यूरो
शुभांशू जायसवाल
जौनपुर। जनपद के युवा समाजसेवी एवं समाज शास्त्री आशुतोष जायसवाल ने शिक्षा एवं सामाजिक क्षेत्र में महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल करते हुए जगदीश प्रसाद झाबरमल टिबड़ेवाला विश्वविद्यालय झुंझुनूं (राजस्थान) से समाज शास्त्र विषय में पीएचडी की उपाधि प्राप्त कर लिया। डॉ. जायसवाल ने अपना शोध ‘पूर्वांचल उत्तर प्रदेश के जौनपुर में बाल अपराधों के कारण एवं प्रभाव का सामाजिक अध्ययन’ विषय पर पूर्ण किया। उनका शोध विशेष रूप से बाल अपराध, किशोर न्याय, बाल अधिकार एवं बाल संरक्षण जैसे महत्वपूर्ण सामाजिक विषयों पर केंद्रित रहा।
डॉ. जायसवाल पिछले लगभग 20 वर्षों से सामाजिक एवं जनहित के कार्यों से जुड़े हुए हैं। वे संत श्री राधेश्याम गुप्त मेमोरियल सोसाइटी के प्रबंधक/सचिव के रूप में लंबे समय से सामाजिक सेवा, जनजागरूकता एवं समाजहित के विभिन्न कार्यों में सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं। बाल अधिकार, बाल सुरक्षा, किशोरों के मार्गदर्शन तथा समाज के कमजोर एवं जरूरतमंद वर्गों के हित में उनका विशेष जुड़ाव रहा है। सामाजिक क्षेत्र में उनकी विभिन्न जिम्मेदारियों में जेसीआई जौनपुर के अध्यक्ष (2024), गीतांजलि संस्था जौनपुर के उपाध्यक्ष, पंडित जी रामलीला समिति के संरक्षक, श्री मां शारदा शक्तिपीठ जौनपुर के ट्रस्टी तथा जौनपुर जायसवाल समाज सेवा समिति के कार्यकारी जिलाध्यक्ष के रूप में योगदान उल्लेखनीय है।
डॉ. आशुतोष ने अपनी इस उपलब्धि का श्रेय अपने दादा जी संत श्री राधेश्याम गुप्त, जो श्री मां शारदा मैहर देवी मंदिर, जौनपुर के संस्थापक रहे सहित गुरुजनों, शोध-निर्देशक, परिवारजनों एवं सहयोगियों को दिया। साथ ही कहा, पीएचडी की उपाधि मेरे लिए केवल एक शैक्षणिक उपलब्धि नहीं, बल्कि समाज के प्रति अपनी जिम्मेदारियों को और अधिक गंभीरता से निभाने का संकल्प है। विशेषकर बच्चों और किशोरों के अधिकार, सुरक्षा, सुधार एवं पुनर्वास के क्षेत्र में अपने ज्ञान और अनुभव का उपयोग करना मेरा प्रमुख उद्देश्य रहेगा।







