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Jaunpur News: आस्था और उल्लास के बीच करवाचौथ की खरीदारी को उमड़ी सुहागिनें

  • आस्था और उल्लास के बीच करवाचौथ की खरीदारी को उमड़ी सुहागिनें

तेजस टूडे सं.
चन्दन अग्रहरि
शाहगंज, जौनपुर। पति-पत्नी के प्रेम, विश्वास और अटूट रिश्ते का प्रतीक करवा चौथ पर्व को लेकर बुधवार को शाहगंज के बाजारों में खूब रौनक रही। पति की दीर्घायु, अच्छे स्वास्थ्य और परिवार की सुख-समृद्धि की कामना के साथ सुहागिन महिलाओं ने व्रत की तैयारियों के लिए जमकर खरीदारी की। सुबह से देर शाम तक बाजारों में महिलाओं की आवाजाही बनी रही। चूड़ी-बिंदी की दुकानों से लेकर साड़ी, आभूषण और पूजन सामग्री की दुकानों तक त्योहार का उत्साह दिखाई दिया। नगर की चूड़ी मार्केट, घास मंडी और कोतवाली रोड सहित बाजारों में महिलाओं ने करवा, छलनी, दीपक, पूजा की थाली, फल-मिठाई और शृंगार के सामान खरीदे। रंग-बिरंगी चूड़ियां, आकर्षक साड़ियां और सौंदर्य प्रसाधनों की दुकानों पर भी ग्राहकों की भीड़ रही। कई महिलाएं अपनी पसंद के सामान खरीदती नजर आईं, तो कुछ ने परिवार के सदस्यों के साथ बाजार पहुंचकर व्रत की तैयारियां पूरी कीं। त्योहार के चलते दुकानदार भी ग्राहकों के स्वागत और सामान की बिक्री में व्यस्त रहे। करवाचौथ का पर्व कार्तिक मास के कृष्ण पक्ष की चतुर्थी तिथि को मनाया जाता है। परंपरा के अनुसार, सुहागिन महिलाएं पति की लंबी उम्र और दांपत्य जीवन की खुशहाली की कामना से निर्जला व्रत रखती हैं। दिनभर उपवास के बाद शाम को भगवान शिव, माता पार्वती, भगवान गणेश और करवा माता की पूजा-अर्चना की जाती है। इसके बाद चंद्रमा को अर्घ्य देकर पति के हाथों जल ग्रहण करने के साथ व्रत खोलने की परम्परा है। चंद्रदर्शन और पूजन को लेकर महिलाओं में विशेष उत्साह रहता है। इस पर्व की खासियत केवल धार्मिक अनुष्ठान तक सीमित नहीं है, बल्कि यह रिश्तों में प्रेम, समर्पण और आपसी विश्वास को भी मजबूती देता है। नवविवाहित महिलाओं में पर्व को लेकर विशेष उत्साह दिखाई देता है, वहीं वर्षों से व्रत रख रहीं महिलाएं भी पूरे विधि-विधान से परंपरा निभाने की तैयारी में जुटी रहीं। हाथों में मेहंदी, पारम्परिक परिधान और सोलह शृंगार के साथ चांद के दीदार का इंतजार इस पर्व को खास बनाता है। बाजारों में उमड़ी भीड़ ने साफ कर दिया कि आधुनिक जीवनशैली के बीच भी करवा चौथ की परम्परा और उसके प्रति आस्था बरकरार है।

 

 

 

 

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