बुंदेलखण्ड विश्वविद्यालय एवं इंफ्लिबनेट गांधीनगर के मध्य हुआ ऐतिहासिक एमओयू हस्ताक्षर
यह ओएमयू विवि की अकादमिक उत्कृष्टता की दिशा में एक निर्णायक कदम: कुलपति
तेजस टूडे ब्यूरो
मुकेश तिवारी
झांसी। बुंदेलखंड विश्वविद्यालय द्वारा सूचना एवं पुस्तकालय नेटवर्क केंद्र (इंफ्लिबनेट) गांधीनगर के साथ एक ऐतिहासिक समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए गए। यह कार्यक्रम राज्यपाल एवं कुलाधिपति आनंदीबेन पटेल की अध्यक्षता में हुआ। राज्यपाल ने कहा कि विश्वविद्यालयों की भूमिका को 21वीं सदी के भारत निर्माण में एक सशक्त स्तंभ बताया। उन्होंने कहा कि डिजिटल शिक्षा, शोध नवाचार, तथा ई-संसाधनों की सहज उपलब्धता जैसे क्षेत्रों में इंफ्लिबनेट के साथ यह सहयोग राज्य के विश्वविद्यालयों के लिए एक नई दिशा और ऊर्जा प्रदान करेगा। उन्होंने शिक्षकों और शोधार्थियों से अपेक्षा किया कि वे शोध प्रकाशन, पेटेंट और वैश्विक स्तर की शैक्षणिक उपलब्धियों में अपनी भागीदारी बढ़ाएं।
इस दौरान राज्यपाल द्वारा बुंदेलखंड विश्वविद्यालय को वर्ल्ड रिकॉर्ड (सामूहिक सूर्य नमस्कार आयोजन, नशा मुक्ति, एवं पढ़े विश्वविद्यालय बड़े विश्वविद्यालय) हेतु प्रमाण पत्र प्रदान किया गया जो विश्वविद्यालय की सांस्कृतिक प्रतिबद्धता, योग साधना और सामूहिक ऊर्जा का प्रतीक है। उन्होंने विश्वविद्यालय को “पढ़े और बढ़े विश्वविद्यालयों” की विशिष्ट श्रेणी में स्थान देते हुए इसकी गुणवत्ता परक शिक्षा, नवाचार और अनुशासित शैक्षणिक संस्कृति की सराहना किया।
कार्यक्रम में प्रमुख मुख्य सचिव डॉ सुधीर एम. बोबड़े (आईएएस) ने स्वागत उद्बोधन दिया एवं इंफ्लिबनेट की निदेशक प्रो देविका पी. मदल्ली ने भी विशिष्ट अतिथि के रूप में भाग लिया तथा एक विस्तृत प्रेजेंटेशन के माध्यम से इंफ्लिबनेट के विषय में बताया। डॉ. बोबड़े ने राज्य के उच्च शिक्षा संस्थानों के डिजिटलीकरण, ऑनलाइन लर्निंग संसाधनों की उपलब्धता और अकादमिक इन्फ्रास्ट्रक्चर के सुदृढ़ीकरण की दिशा में सरकार की प्रतिबद्धता को दोहराया। कार्यक्रम का संचालन डा. पंकज जानी ने किया।
इंफ्लिबनेट निदेशक प्रो. मदल्ली ने बताया कि इस एमओयू के अंतर्गत बुंदेलखंड विश्वविद्यालय और उससे संबद्ध महाविद्यालयों को शोध पत्रिकाओं, डेटाबेस, ई-ग्रंथालय, शोधन, ई-शोध सिंधु, शोधगंगा, शाला दर्पण और लाइब्रेरी ऑटोमेशन जैसे अत्याधुनिक संसाधनों तक मुफ्त या रियायती पहुंच प्राप्त होगी। इसके माध्यम से विश्वविद्यालय की शोध गुणवत्ता, अकादमिक पारदर्शिता और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रतिस्पर्धा की क्षमता को बढ़ावा मिलेगा।कार्यक्रम के तकनीकी सत्र में वरिष्ठ वैज्ञानिक डॉ. अभिषेक कुमार (इंफ्लिबनेट) ने लाइब्रेरी ऑटोमेशन, शोधन पोर्टल और डिजिटल रिपॉजिटरी सिस्टम की कार्यप्रणाली पर विस्तार से व्याख्यान दिया।
संगोष्ठी में उत्तर प्रदेश के 38 विश्वविद्यालयों से आये कुलपतियों, कुलसचिव, आईक्यूएसी निदेशक एवं लाइब्रेरी के प्रतिनिधियों ने भाग लिया जिससे यह आयोजन राज्यस्तरीय अकादमिक संवाद और नेटवर्किंग का प्रभावी मंच बन सका। बुंदेलखंड विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो मुकेश पांडेय ने विश्वविद्यालय की डिजिटल ट्रांसफॉर्मेशन यात्रा, शोधोन्मुखी प्रयासों, और राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय सहयोग की रणनीतियों का उल्लेख किया। उन्होंने इंफ्लिबनेट के साथ हुए इस समझौते को विश्वविद्यालय की अकादमिक उत्कृष्टता की दिशा में एक निर्णायक कदम बताया। कार्यक्रम में कुलसचिव राज बहादुर, आईक्यूएसी निदेशक प्रो सुनील काबिया, केंद्रीय पुस्तकालय प्रभारी डॉ जे श्रीदेवी जेट्टी, डॉ अनुपम व्यास, डॉ शालिनी शर्मा, डॉ आशीष वर्मा सहित तमाम लोग उपस्थित रहे। कार्यक्रम का संचालन डॉ पंकज जानी ने किया।
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