उन्होंने कहा कि पूरे मनोयोग से कार्य करें जिससे जनपद की रैंक अच्छी बनी रहे। उन्होंने यह भी कहा कि शिकायतों को अधिकारी कटेगरी वाईज कर सही ढंग व गुणवत्तापूर्ण निस्तारण कराये। जिलाधिकारी ने सभी विभागीय अधिकारियों को निर्देशित करते हुये कहा कि शिकायतों का गुणवत्तापूर्ण निरस्तारण शासन की सर्वाेच्च प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री फरियादियों/शिकायतकर्ताओं की संतुष्टि के प्रति बेहद गम्भीर है, इसमें किसी भी प्रकार की लापरवाही नहीं होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि आईजीआरएस पर प्राप्त शिकायतों का समयबद्ध निस्तारण करके रिपोर्ट को पोर्टल पर अपलोड करना सुनिश्चित करें। डीएम ने आईजीआरएस पर प्राप्त शिकायतों के डिफाल्टर होने व निस्तारित शिकायतों की खराब गुणवत्ता पाये जाने पर कुछ विभागीय अधिकारियों को इसमें सुधार लाने की कड़ी चेतावनी देते हुए कहा कि ऐसी स्थिति नहीं आनी चाहिये कि निस्तारण की गुणवत्ता खराब होने के कारण उच्च स्तर से शिकायतें पुनः वापस आ जाये। जिलाधिकारी ने कहा कि शिकायतों के निस्तारण प्रक्रिया के दौरान शिकायतकर्ता का पक्ष भी अवश्य सुना जाए और सदंर्भाे के निस्तारण के परिणाम से भी शिकायतकर्ता को अवगत कराया जाए। क्योंकि शिकायतकर्ता की संतृष्टि ही संदर्भाे का निस्तारण का मूल लक्ष्य है। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि शिकायतो के निस्तारण में जनपद के मुल्याकंन का पैरामीटर बदल गया है अतः असंतुष्ट फीडबैक वाले प्रकरणों को सही ढंग से निस्तारण कराए। इस मौके पर एडीएम प्रशासन शिव प्रताप शुक्ल, एडीएम नमामि गंगे योगेन्द्र कुमार, ईडीएम आकाश रंजन एवं संबंधित जनपदीय अधिकारी उपस्थित रहे।









