1.36 करोड़ रुपये लेकर भागे कर्मचारी के आधा दर्जन रिश्तेदार पकड़ाये
भूसे व डिब्बों में छिपाये गये थे रूपये
मोहित शर्मा
आगरा। कैश कलेक्शन कंपनी ब्रिक्स इंडिया का कर्मचारी विवेक 1.36 करोड़ रुपये लेकर फरार होने की साजिश में अकेला शामिल नहीं था। वह 85 लाख रुपये अपने ममेरे भाई अमित को दे गया था। ममेरे भाई ने यह रकम छह रिश्तेदारों के यहां छिपा दी थी। पुलिस ने ममेरे भाई और मामा समेत छह रिश्तेदारों को बिजलीघर से गिरफ्तार कर लिया। उनसे 85 लाख रुपये बरामद कर लिए हैं। बाकी 52 लाख रुपये लेकर फरार विवेक की तलाश में दबिश जारी है।
पुलिस उपायुक्त विकास कुमार ने बताया कि आरोपितों ने 85 लाख की रकम को भूसे के ढेर और डिब्बों में छिपाकर रखी थी। सबसे ज्यादा रकम अमित की फुफेरी बहन सविता के यहां से 30 लाख रुपये पुलिस ने बरामद की। पुलिस ने विवेक के साथ साजिश में शामिल लोगों का पता लगाने के लिए 100 सीसीटीवी कैमरे देखे थे।
बोरे में रुपये भरकर फरार हुआ था कर्मचारी
सदर के सुल्तानपुर निवासी विवेक कुमार कैश कलेक्शन कंपनी इंडिया ब्रिक्स में कर्मचारी था। वह 27 दिसंबर की दाेपहर में 1.36 करोड़ रुपये बोरे में भरकर बाइक से फरार हो गया था। रकम रकाबगंज की बैंक आफ बड़ौदा शाखा में जमा होनी थी। विवेक की बाइक लावारिस हालत में फोर्ट रेलवे स्टेशन के पास मिली थी। पुलिस को बिजलीघर पर लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज देखने पर विवेक के साथ उसका ममेरा भाई अमित दिखा था। ममेरा भाई अपने दोस्तों राजकपूर और महेश के साथ उससे मिला था।
बरामद हुये 85 लाख रुपये
पुलिस उपायुक्त नगर जोन विकास कुमार ने बताया कि विवेक फरार होने से पहले अमित के पास 85 लाख रुपये रखवा गया था। पुलिस, एसओजी और सर्विलांस की मदद से घटना का पर्दाफाश किया गया है। पुलिस विवेक के ममेरे भाई अमित, माममा लाखन समेत छह आरोपितों को गिरफ्तार कर लिया है। उनसे 85 लाख रुपये बरामद किए गए हैं।
ये किये गये गिरफ्तार
ममेरा भाई अमित कुमार और मामा लाखन निवासी सिद्धार्थ नगर गोबर चौकी ताजगंज, राजकपूर, सविता (अमित की फुफेरी बहन) पत्नी दिनेश निवासी नगला जस्सा सदर, महेश कुमार निवासी नगला परसौती सदर और भूरी सिंह निवासी कौलक्खा ताजगंज।
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