फॉल सीलिंग गिरने से बाल-बाल बचा कर्मचारी

  • फॉल सीलिंग गिरने से बाल-बाल बचा कर्मचारी

तेजस टूडे ब्यूरो
बृजेन्द्र कुमार
मौदहा, हमीरपुर। विकास कार्यों के नाम पर सरकारी धन खर्च होने के बावजूद विकासखंड मौदहा में निर्माण कार्यों की गुणवत्ता पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। कार्यालय परिसर और सचिव आवासों की मरम्मत एवं विकास कार्यों पर एक करोड़ रुपये से अधिक खर्च किए जा रहे हैं लेकिन निर्माण कार्य पूरा होने से पहले ही बदहाली सामने आने लगी है। बीते 3 नवंबर की शाम विकास भवन कार्यालय में अचानक फॉल्स सीलिंग का बड़ा हिस्सा भरभराकर नीचे गिर गया। इसकी चपेट में आने से वहां काम कर रहा एक कर्मचारी बाल-बाल बच गया। गनीमत रही कि हादसे में कोई जनहानि नहीं हुई।रंग-रोगन और फॉल्स सीलिंग पर लाखों रुपये खर्च किए जाने के बावजूद इस तरह छत का हिस्सा गिरना निर्माण कार्यों की गुणवत्ता पर सवाल खड़े कर रहा है। खास बात यह है कि निर्माण कार्य अभी पूरा नहीं हुआ है और परिसर खंड विकास कार्यालय को हस्तांतरित भी नहीं किया गया है। इस मामले में खंड विकास अधिकारी श्वेता त्रिपाठी ने बताया कि निर्माण कार्य अभी प्रगति पर है। फॉल्स सीलिंग गिरने से किसी को नुकसान नहीं हुआ है। ठेकेदार को गुणवत्ता और मजबूती के साथ काम कराने के निर्देश दिए गए हैं। स्लैब मरम्मत में कमी मिलने पर जांच कर विधिक कार्रवाई की जाएगी। अब बड़ा सवाल यह है कि एक करोड़ रुपये से अधिक खर्च होने के बावजूद यदि सरकारी भवन में कर्मचारी सुरक्षित नहीं हैं तो निर्माण कार्यों की गुणवत्ता की जिम्मेदारी आखिर कौन तय करेगा।