कृषि वानिकी से बढ़ेगी किसानों की आमदनी, खेतों की उर्वरता भी रहेगी बरकरार
खेत बचाओ अभियान में मैलानी जंगल में कृषक जागरूकता कार्यक्रम आयोजित

तेजस टूडे ब्यूरो
प्रमोद गोस्वामी
संत कबीर नगर। खेत बचाओ अभियान के तहत बुधवार को विकास खंड खलीलाबाद के ग्राम मैलानी जंगल में कृषि विज्ञान केंद्र एवं कृषि विभाग के संयुक्त तत्वावधान में कृषक जागरूकता कार्यक्रम किया गया। कार्यक्रम में किसानों को कृषि वानिकी, मृदा संरक्षण और टिकाऊ खेती के महत्व की जानकारी देकर पर्यावरण अनुकूल कृषि पद्धतियां अपनाने के लिए प्रेरित किया गया।
कार्यक्रम कृषि विज्ञान केंद्र के वरिष्ठ वैज्ञानिक एवं अध्यक्ष डॉ. सीपीएन गौतम के नेतृत्व में हुआ जिसका संचालन डॉ. तरुण कुमार वैज्ञानिक (कृषि वानिकी) ने किया। इस दौरान डॉ. तरुण कुमार ने कहा कि किसान खेतों की मेड़ों और अनुपयोगी स्थानों पर उपयुक्त प्रजातियों के वृक्ष लगाकर खेती के साथ अतिरिक्त आमदनी का स्रोत विकसित कर सकते हैं। कृषि के साथ वृक्षों को अपनाने से मृदा अपरदन पर रोक लगाने, जैव विविधता के संरक्षण और पर्यावरण संतुलन बनाए रखने में भी मदद मिलती है। इससे जलवायु परिवर्तन के दुष्प्रभावों को कम करने में भी सहयोग मिलता है।
उन्होंने किसानों को सलाह दी कि वे स्थानीय जलवायु और मिट्टी की प्रकृति के अनुसार कृषि वानिकी के उपयुक्त मॉडल अपनाएं। फसलों के साथ वैज्ञानिक तरीके से वृक्षों का समावेश करने से फसल उत्पादन प्रभावित किए बिना अतिरिक्त आर्थिक लाभ प्राप्त किया जा सकता है। कार्यक्रम में मिट्टी की गुणवत्ता एवं उर्वरता बनाए रखने, प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण और संतुलित कृषि पद्धतियों को अपनाने पर भी जोर दिया गया। किसानों से अपील की गई कि वे कृषि वानिकी और पर्यावरण अनुकूल तकनीकों को अपनाकर खेती को अधिक लाभकारी एवं टिकाऊ बनायें।







