उपजा ने शामली में धूमधाम से मनाया हिन्दी पत्रकारिता दिवस
तेजस टूडे ब्यूरो
अजीत श्रीवास्तव
शामली। उत्तर प्रदेश जर्नलिस्ट एसोसिएशन ‘उपजा’ के उत्तर प्रदेश सचिव व पश्चिमी उत्तर प्रदेश प्रभारी गौरव कुमार के निर्देशन पर जिला शामली उपजा संगठन के तत्वाधान में रेलपार में स्थित प्रवीण निर्वाल उपजा महामंत्री के आवास पर शौकीन सिद्दीकी की अध्यक्षता व अरविंद कौशिक के संचालन में हिंदी पत्रकारिता दिवस धूमधाम से मनाया गया। मुख्य अतिथि अजय बावरा रहे। राष्ट्र के सजग प्रहरी पत्रकारों को माल्यार्पण कर सम्मानित किया गया जिसके बाद उपजा के पदाधिकारियों द्वारा खबरें उत्तर प्रदेश समाचार पत्र में सहारनपुर मंडल प्रभारी बनने पर सूरज कौशिक को सम्मानित किया गया।
बैठक को संबोधित करते हुए उपजा जिलाध्यक्ष अजीत श्रीवास्तव ने कहा कि पत्रकार समाज का आईना होता है जो समाज में फैली कुरीतियों को दूर करने का कार्य करता है। एक पत्रकार को बिना डरे निष्पक्षता के साथ किसी भी सामाजिक बुराई और अन्याय का विरोध करना चाहिए। चौधरी प्रवीण निर्वाल ने कहा कि संगठन में बड़ी ताकत होती है, इसलिए पत्रकारों को एक—दूसरे के प्रति समर्पित रहकर संगठित रहना चाहिए।
इसी क्रम में वरिष्ठ पत्रकार अरविंद कौशिक ने कहा कि पत्रकारिता व पित पत्रकारिता में अंतर होता है, इसलिए पत्रकार को पत्रकारिता एक मिशन के रूप में मानते हुये निष्पक्षता व जिम्मेदारी और जनहित के कार्यों पर खरा उतरना चाहिए। उन्होंने कहा कि पत्रकारों को समाज और देशहित में सर्वोपरि मानकर पत्रकारिता करने का संकल्प लें और पीडित व्यक्ति की आवाज मजबूती से उठाये जिससे उसे न्याय मिल सके। कार्यक्रम में पत्रकार बंधुओं को पुष्पहार पहनाकर और उपहार देकर सम्मानित किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे शौकीन सिद्दीकी की कर्मनिष्ठा, संगठनात्मक योगदान और बेहतरीन नेतृत्व क्षमता को विशेष रूप से सराहा गया। रामकुमार व सूरज कौशिक ने कहा कि ईमानदार और निडर पत्रकारिता ही लोकतंत्र की असली ताकत है।
इस अवसर पर अरविन्द कौशिक, मनोज पंवार, अनिल कौशिक, अजित श्रीवास्तव, प्रवीण निर्वाल, शौकीन सिद्दीकी, अजय बावरा, सुमित कौशिक, मनोज कालखण्डे, सूरज कौशिक, रामकुमार, राकेश गोपाल, भानु प्रताप उपाध्याय, गौरव कुमार, मसरूर अंसारी सहित तमाम पत्रकार उपस्थित रहे।
आधुनिक तकनीक से करायें प्रचार, बिजनेस बढ़ाने पर करें विचार
हमारे न्यूज पोर्टल पर करायें सस्ते दर पर प्रचार प्रसार।






