रैयतों ने मुआवजा शिविर का किया बहिष्कार
किसान बोले: उचित मुआवजा मिलने तक संघर्ष रहेगा जारी
मुआवजा में भेदभाव व 2013 सर्किल रेट पर तय मुआवजा दर से किसानों ने दिखायी नाराजगी
तेजस टूडे ब्यूरो
राजीव पाण्डेय
भभुआ। प्रखंड क्षेत्र के दुमदुम पंचायत भवन पर भारतमाला परियोजना अंतर्गत वाराणसी-रांची-कोलकाता एक्सप्रेस वे निर्माण के लिए अर्जित भूमि का मुआवजा के निस्तारण संबंधित मंगलवार को कैंप लगाया गया। इस कैंप में जिला भू-अर्जन पदाधिकारी, अंचलाधिकारी, सुधार उपसमाहर्ता आदि मौजूद रहे। आस—पास गांवों यथा शिवपट्टी, बेतरी, कुड़ासन, धुजुआ, सारंगपुर, गोड़हन सहित अन्य गांवों के किसानों द्वारा कैंप में शामिल होकर कैंप का बहिष्कार किया गया। इस दौरान मौजूद पदाधिकारियों ने किसानों को काफी समझाने की कोशिश की परंतु किसान मुआवजा संबंधित स्पष्ट नीति होने के कारण कोई भी बात सुनने को तैयार नहीं हुए।
वहीं किसान नेता पशुपति नाथ सिंह ने इसकी जानकारी देते हुए बताया कि अफसरों द्वारा हमारी जमीन को कम कीमत पर हड़पने की कोशिश की जा रही है। सरकार 2013 के सर्किल रेट के आधार पर हम लोगों को मुआवजा दे रही है जबकि 11 वर्षों में जमीन का भाव चौगुना हो गया है। जब तक सरकार द्वारा उचित मुआवजा को लेकर कोई ठोस नीति नहीं बन जाती है तब तक कम कीमत पर हम अपनी जमीन नही देंगे। चाहे इसके लिए हमे खुद का अपना बलिदान क्यों न देना पड़े? उन्होंने बताया कि केवल सीमा रेखा का अंतर होने के कारण यूपी की किसानों को अधिक मुआवजा मिलना तथा यहां के किसानों को कम मुआवजा दर निर्धारित होना, यह सही नहीं है। हम किसान अपने साथ हो रहे भेदभाव व अन्याय को बर्दास्त नहीं करेंगे।
इस अवसर पर किसान संघर्ष मोर्चा के उपाध्यक्ष श्रवण पटेल, गोवर्धन माली, अब्दुल मजीद, प्रदीप सिंह, बनारसी बिंद, राजकुमार यादव, प्रो. कमला सिंह, पूर्व मुखिया अजय सिंह, ईश्वर लोक सिंह, छोटू प्रजापति, दिनेश पाल, आशुतोष सिंह, रामनाथ पासवान, रामजी सिंह यादव, रामलाल चौरसिया समेत तमाम किसान मौजूद थे जिन्होंने शिविर का बहिष्कार किया।
आधुनिक तकनीक से करायें प्रचार, बिजनेस बढ़ाने पर करें विचार
हमारे न्यूज पोर्टल पर करायें सस्ते दर पर प्रचार प्रसार।
















