यह लोन लगभग 28.6 बिलियन डॉलर है जो उसके कुल कर्ज का 22 प्रतिशत है। विश्व बैंक के अनुसार देश पर कुल मिलाकर लगभग 130 अरब डॉलर का कर्ज है। आज पाकिस्तान की हालत बेहद खस्ता है। यहां तक कि वहां पर आटे-दाल-चावल, सब्जियां और दूध तक आम आदमी की पहुंच से दूर जा चुके हैं।
देश में बेरोजगारी चरम पर है। पाकिस्तान ने अपनी नाजुक वित्तीय स्थिति के चलते आईएमएफ से आपातकालीन फंड मांगता रहा है। हालांकि चीन के लिए पाकिस्तान चीन-पाकिस्तान आर्थिक गलियारे (सीपीईसी) का घर है। यह चीन के पश्चिमी प्रांतों को बलूचिस्तान के ग्वादर बंदरगाह से जोड़ने वाला लगभग 3,000 किलोमीटर लम्बा गलियारा है। कहने का तात्पर्य यह है कि चीन पड़ोसी देश पाकिस्तान को कर्ज देकर वहां अपना आधिपत्य बनाता जा रहा है।





