JAUNPUR NEWS : ग्रामीणों ने क्षेत्र पंचायत कार्यालय पर किया प्रदर्शन, बीडीओ को सौंपा पत्रक
क्षतिग्रस्त सार्वजनिक सड़क के पुनः मरम्मत को लेकर ग्रामीणों ने उठायी आवाज
ग्रामीणों का आरोप: ग्राम प्रधान रास्ते की मरम्मत को लेकर जानबूझ कर लगा रहे झगड़ा फसाद
विनोद कुमार
केराकत, जौनपुर। स्थानीय क्षेत्र पंचायत कार्यालय पर मंगलवार की दोपहर उदयचंदपुर गांव के चौहान बस्ती के लोगों ने क्षेत्र पंचायत कार्यालय पहुंच चौहान बस्ती को जोड़ने वाली मुख्य सार्वजनिक मुख्य रास्ते के क्षतिग्रस्त खड़ंजा मार्ग के पुनः मरम्मत को लेकर प्रदर्शन कर खण्ड विकास अधिकारी जितेंद कुमार त्रिपाठी को पत्रक सौप न्याय की गुहार लगाई। ग्रामीणों का आरोप है कि गांव के ही प्रेमचंद दुबे के दरवाजे से चौहान बस्ती को जोड़ने वाली सार्वजनिक खड़ंजा मार्ग काफी लंबे समय से क्षतिग्रस्त होने के कारण गड्डो में तब्दील हो गई है ऐसी स्थिति में ग्राम वासियों को बारिश के मौसम में आना जाना काफी दुर्गम साबित होता है। साथ ही गांव के ही अरविंद कुमार पुत्र सुधीनाथ दुबे खड़ंजा मार्ग के दक्षिण तरफ सड़क मार्ग से सटकर 80 फीट लंबा एवं 4 से 5 फीट गहरा गड्ढा खुदवा दिए हैं। बारिश होने के कारण सड़क की मिट्टी नीचे चली गई है। मार्ग के मरम्मत हेतु अनेकों बार प्रार्थना पत्र उच्च अधिकारियों को दिया गया फिर भी मार्ग की मरम्मत का कार्य नहीं कराया गया है। चौहान बस्ती के लोगों का आरोप है कि वर्तमान प्रधान व सचिव को अपने साथ लेकर विपक्षी अरविंद कुमार की साजिश में शामिल होकर रास्ते को ही समाप्त करना चाहते हैं। ऐसे हालात में जहां ग्रामवासियों का आवागमन पूरी तरह से बाधित हो जाने से लोगों का घर से बाहर भी निकलना मुश्किल हो जायेगा। समय रहते प्रशासन उचित कार्रवाई नहीं किया तो रास्ते के आवागमन को लेकर किसी भी समय संगीन वारदात की घटना घटित होने से इनकार भी नहीं किया जा सकता है। प्रदर्शन करने वालों में जय सिंह चौहान, त्रिभुवन चौहान, बृजभूषण चौहान, निरंकार चौहान, लीलावती देवी, नीतू, उर्मिला चौहान, फुलवासी, नीलम चौहान, सावित्री चौहान आदि रहे।
ग्रामीणों ने सचिव पर लगाया फर्जी तरीके से निस्तारण करने का आरोप
उदयचंदपुर गांव के क्षतिग्रस्त खड़ंजे को लेकर निस्तारण किए गये मामले से ग्रामीणों ने रोष का माहौल व्याप्त है। ग्रामीणों का आरोप है कि सचिव न्यायालय का हवाला देकर रास्ता न बनवाने का फर्जी निस्तारण कर दिए हैं। जबकि रास्ते को लेकर न्यायालय द्वारा कोई भी स्थगन आदेश पारित नही है। बाबजूद इसके भी जानबूझ कर न्यायालय का हवाला देकर निस्तारण दिया गया। ग्रामीणों ने कहा कि न्यायालय में जमा शपथ पत्र के पैरा नंबर 5 पर साफ साफ ईट का खड़ंजा लगाया दर्शाया गया है। ग्राम प्रधान जान बुझ कर रास्ते का मरम्मत न करा कर झगड़ा फसाद कराने पर तुले हुए है ग्रामीणों ने अपने शिकायती पत्र में स्थलीय जांच की मांग की है। अब देखना यह होगा कि स्थलीय जांच के बाद सचिव के फर्जी निस्तारण की बात सही हुई तो उच्चाधिकारियों द्वारा सचिव पर क्या कार्यवाही की जाती है देखना दिलचस्प होगा।

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