सत्य परेशान हो सकता है, मगर पराजित नहीं: कथा वाचक
तेजस टूडे सं.
डा. संजय यादव/बिपिन सैनी
बदलापुर, जौनपुर। जीत सदा सत्य की होती है। सत्य परेशान हो सकता है किन्तु पराजित नहीं हो सकता। उक्त बातें श्री रामजानकी मन्दिर लेदुका बाजार के प्रांगण में आयोजित श्री मद्भभागवत महापुराण सप्ताह ज्ञान यज्ञ एवं रामकथा के विसर्जन दिवस वाराणसी से पधारे मानस कोविद डा. मदन मोहन मिश्र ने कही।
उन्होंने आगे कहा कि भगवान ने स्यामंतक मणि लाकर अपने ऊपर लगे झूठे कलंक को गलत साबित किया। समाज को सुधारने के लिये भगवान गोपियों का चीर चुराते हैं तो द्रौपदी की लज्जा बचाने के लिये चीर बढ़ाते भी हैं। परमात्मा व्यक्ति विशेष की सहायता नहीं करता, बल्कि पवित्र उद्देश्य की सहायता करता है।
सुदामा चरित्र की चर्चा करते हुये उन्होंने कहा कि भगवान पूर्ण काम है तो सुदामा परम निष्काम है। भागवत की कथा के प्रभाव से राजा परीक्षित भयमुक्त होकर परम धाम को चले गये। वाराणसी से पधारीं मानस कोकिला डा. सुधा पाण्डेय ने हनुमत प्रसंग की चर्चा करते हुये लोगों को मंत्र—मुग्ध कर दिया। इस अवसर पर भारी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे।











