पापी पेट का सवाल है साहब! अन्यथा यह मासूम दबंग होटल संचालक के पिटाई का शिकार न होते
काम के बदले मासूमों ने मांगा दाम तो मिला थप्पड़, सिस्टम से लाचार मासूम मांग रहे न्याय की भीख
कहां गये बाल आयोग व जिले के बाल मजिस्ट्रेट? खाकी के बगल खड़े होकर मासूम ने बर्बरता की बतायी दास्तां
तेजस टूडे सं.
अनुभव शुक्ला
रायबरेली। पापी पेट का सवाल है साहब! नहीं हाथ में कलम की जगह काम का बोझ न होता, अखबार में छपी तस्वीर को गौर से देखिए, यह तस्वीर उस लाचार गरीब परिवार में जन्मे नाबालिगों की है जो आर्थिक स्थिति से लाचार होकर मजबूरी में मजदूरी कर रहे हैं किंतु मानवता के दुश्मन रईस जादों ने काम के बदले दाम नहीं, बल्कि मासूमों के मुंह पर रखूख का तमाचा जड़ दिया है। संढे सिस्टम से लाचार आज ये मासूम अब न्याय की भीख मांगने पर मजबूर हैं। सवाल सिस्टम पर उठना लाजिमी है कि आखिर कहां गया बाल आयोग और कहां गये जिले के बाल मजिस्ट्रेट? नाबालिग मासूमों के साथ अत्याचार हो रहा है। बाल आयोग और बाल मजिस्ट्रेट जो 17 ग्यारह महीने 29 दिनों तक के किशोरों रखवाले होने का सिर्फ दावा किया करते हैं। सच्चे नेता व कानून के रखवालों से विहीन यह रायबरेली जनपद है। यहां के होटलों में नाबालिग बच्चों के काम करवाया जा रहा है। मजदूरी मांगने पर बर्बरतापूर्वक मार-पीट कि जाती है।
दरअसल सोशल मीडिया पर एक मासूम किशोर का वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है। यह वीडियो अधिकारियों के हर क्षण निकलने वाले बेहद व्यस्त तम गोल चौराहा के पास बताया जा रहा है। डीह थाना क्षेत्र के मझलिहा गांव निवासी पीड़ित मासूम नागेंद्र ने अपनी आपबीती सुनाते हुए बताया कि वह अपने कुछ साथियों के साथ दनानी होटल में एक महीने से काम कर रहा था और एक माह होने पर जब काम के एवज में पैसे मांगे तो शराब के नशे में उसके साथ पैसे मांगने पर विनय यादव नाम के दबंग व्यक्ति द्वारा बर्बरता से मारपीट की गयी। नागेंद्र ने यह भी बताया कि छोटे-छोटे बच्चों के साथ काम के एवज में पैसे मांगने पर शराब के नशे में विनय यादव नाम के दबंग द्वारा मारपीट की गई है। मासूम ने यह भी बताया कि विनय यादव नाम का बेरहम युवक 10 किलोमीटर दूर से रुपयों का लालच देकर अपने साथ लाया था। काम के एवज में जब पैसे मांगे गए तो शाराब के नशे में हम छोटे-छोटे बच्चों से मारपीट की गई। मासूम के इस दर्द भरी कहानी को सुनाते वक्त एक दरोगा भी पीछे बैठा दिखाई पड़ रहा किंतु क्या मजाल है कि मासूमों के दर्द को पूछकर मासूमों को न्याय दिला सकें।
——इनसेट——
जिले की अधिकांश होटलों में होते हैं अवैध कार्य, मासूम से लेकर युवक-युवतियां भी हो रहे शिकार
अभी बीते वर्ष 22 जून 2023 को हरचंदपुर थाना क्षेत्र के डिडौली स्थित वृंदावन होटल में सेक्स रैकेट का भंडाफोड़ हुआ था जिसमें बड़े घराने के युवक व युवतियां आपत्तिजनक स्थिति में मिले थे। महराजगंज सर्किल के तत्कालीन सीओ अरुण नौवहार की छापेमारी में हुई धरपकड़ के बाद तहरीर देकर मुकदमा लिखाया था हरचंदपुर के तत्कालीन थानाध्यक्ष संजय सिंह ने दो युवक व 3 युवतियों को जेल भेजा था। मौके पर आपत्तिजनक सामान भी बरामद हुए थे जिससे यह कहना मुश्किल नहीं है कि होटलों की आड़ में अंदर तरह तरह के काले कारनामे भी होते हैं। इसमें जोड़े में आये युवक युवतियों को कमरे देना। देह व्यापार में संलिप्त होना! नाबालिग मासूमों से मार-पीट कर क्षमता से अधिक कार्य करवाना, मानक के विपरीत बने सामानों को महंगे दामों बेचना। होटल संचालकों के इन कारनामों की टीम बनाकर समय-समय पर जिला प्रशासन आखिर कार्यवाही क्यूं नहीं करता? आज मासूमों सहित युवा पीड़ी होटल संचालकों कि करतूतों के शिकार हो रहे हैं। आखिर कब तक ये होटल संचालक युवक युवतियां व मासूमों के भविष्य से खिलवाड़ करते रहेंगे.? यह एक सबसे बड़ा यक्ष प्रश्न बना हुआ है।
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