Thursday, December 1, 2022
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जिलाधिकारी का दुकानदारों के लिए आदेश…| #TEJASTODAY

जौनपुर। जिलाधिकारी दिनेश कुमार सिंह ने सभी दुकानदारों से अपील किया है कि वह स्वयं भी मास्क का उपयोग करें और कर्मचारी भी मास्क लगायें। साथ ही जो ग्राहक आ रहे हैं और मास्क नहीं लगाए हैं उनको सामान न दें। उन्हें मास्क लगाने के लिए प्रेरित करें। दुकानों के सामने गोले बना लें, ग्राहक को इन गोलों में खड़े होने के लिये कहे। ग्राहक एक-दूसरे से सटकर खड़े न हो। जिलाधिकारी ने कहा कि यह देखने में आ रहा है कि कुछ दुकानदार दोने में सामान देते हैं और लोग वहीं पर खड़े होकर खाते हैं। जगह कम होने के कारण एक-दूसरे से सटकर खड़े होते हैं। इससे संक्रमण बढ़ने का खतरा है। उनसे अनुरोध है कि दोने में सामान न दें सामान पैक करके ही दें। बड़े दुकानों और प्रतिष्ठानों, उद्योगों से अनुरोध है कि थर्मल स्कैनर और पल्स ऑक्सीमीटर की व्यवस्था करके हेल्पडेस्क अवश्य बनायें। दुकान में घुसने से पहले हर व्यक्ति से लक्षण जरूर पूछें और टेंपरेचर जरूर देखें। लक्षण वाले व्यक्तियों को दुकान में प्रवेश न दें। हम सब मिलकर ही कोरोना को हरा सकते हैं। उन्होंने कहा कि प्राइवेट अस्पताल और नर्सिंग होम हेल्प डेस्क की स्थापना अवश्य करें। हेल्पडेस्क पर तैनात कर्मी सक्रिय रूप से कार्य करें।

जौनपुर। जिलाधिकारी दिनेश कुमार सिंह ने सभी दुकानदारों से अपील किया है कि वह स्वयं भी मास्क का उपयोग करें और कर्मचारी भी मास्क लगायें। साथ ही जो ग्राहक आ रहे हैं और मास्क नहीं लगाए हैं उनको सामान न दें। उन्हें मास्क लगाने के लिए प्रेरित करें। दुकानों के सामने गोले बना लें, ग्राहक को इन गोलों में खड़े होने के लिये कहे।

सुरेरी, जौनपुर। एक तरफ जहाँ प्रधानमंत्री द्वारा स्वच्छता अभियान को लेकर तरह तरह की योजनाएं चलाकर साफ सफाई के लिए करोड़ों रुपए खर्च किए जा रहे हैं तो वहीं दूसरी तरफ सुरेरी क्षेत्र के भदखिन गांव में पीच रोड के पास कूड़ा फेंकने से मना करने पर दवंग पड़ोसियों द्वारा एक विकलांग युवक व उसके परिजनों की पिटाई कर दी गई। जानकारी के अनुसार सुरेरी थाना क्षेत्र के भदखिन गांव निवासी विकलांग युवक प्रदीप ने सुरेरी थाने पर प्रार्थना पत्र देकर आरोप लगाया है की मेरे पड़ोसी नहरु लाल, शिव प्रकाश व गौरी मेरे मकान के पास से निकले पिच रोड पर जबरदस्ती कूड़ा फेंक रहे थे। जब मेरी बहन निर्मला ने मकान के सामने कूड़ा फेंकने का विरोध किया तो दवंग पड़ोसियों ने उसकी पिटाई कर दी, इस दौरान बीच बचाव के लिये मौके पर पहुचने पर मुझे व मेरे भाई नन्हे को भी पिट कर घायल कर दिये। इस संदर्भ में थानाध्यक्ष सुरेरी मुन्ना राम धुसिया ने बताया की तहरीर मिली है, जांच कर आवश्यक कार्रवाई की जायेगी।

ग्राहक एक-दूसरे से सटकर खड़े न हो। जिलाधिकारी ने कहा कि यह देखने में आ रहा है कि कुछ दुकानदार दोने में सामान देते हैं और लोग वहीं पर खड़े होकर खाते हैं। जगह कम होने के कारण एक-दूसरे से सटकर खड़े होते हैं। इससे संक्रमण बढ़ने का खतरा है। उनसे अनुरोध है कि दोने में सामान न दें सामान पैक करके ही दें।

सुरेरी, जौनपुर। क्षेत्र के एक गांव में रास्ते में बंधी भैंस ना हटाने को लेकर हुए विवाद में एक पक्ष ने दूसरे पक्ष पर घर में घुसकर मारने पीटने सामान क्षतिग्रस्त करने व लूटपाट करने के साथ-साथ सिलेंडर गैस खोल कर अपनी बहू को जलाने के प्रयास का आरोप लगाते हुए थाने पर तहरीर दी। वही तहरीर के आधार पर पुलिस आवश्यक कार्यवाही में जुटी हुई हैं। जानकारी के अनुसार जामडीह गांव निवासी फूलचंद व मूलचंद का काफी दिनों से जमीनी विवाद चल रहा था। सोमवार की दोपहर लगभग 12 बजे फूलचंद की बहू पूनम खेत में गोबर फेंकने जा रही थी, जहां रास्ते में मूलचंद की भैंस बंधी थी रास्ते से भैंस हटाने को लेकर दोनों पक्षों में कहासुनी हो गई। मूलचंद का आरोप है की कहा सुनी के बाद फूलचंद के परिजन मेरे दरवाजे पर आकर गाली गलौज देने लगे जिसका विरोध जब हम लोगों द्वारा किया गया तो मारने पीटने पर आमादा हो गए। मौके की नजाकत को भांपते हुए हम लोग अपने घर में भाग गए जहां फूलचंद अपने परिजनों संग दरवाजा तोड़कर घर में घुसकर मारे पीटे व सामान क्षतिग्रस्त कर सोने के जेवरात जिसमें सोने का चैन, अंगुठी व अन्य जेवरात थे उसे उठा ले गए। विरोध करने पर मूलचंद की बहू निशा को सिलेण्डर गैस की पाइप खोलकर जलाने का भी प्रयास किए इस दौरान पुलिस व अन्य ग्रामीणों के पहुंच जाने के बाद मौके से भाग निकले। जिसमें एक ही पक्ष के मूलचंद 55 वर्ष, पार्वती 52 वर्ष, निशा 24 वर्ष, बृजेश 15 वर्ष व राकेश 16 वर्ष घायल हो गए। जिसमें पीड़ित ने दो महिलाओ समेत पांच लोगों के खिलाफ नामजद तहरीर दी हैं। सूचना पर सुरेरी पुलिस आवश्यक जांच पड़ताल में जुट गई हैं। इस संदर्भ में थानाध्यक्ष सुरेरी मुन्ना राम धुसिया ने बताया की मारपीट हुई है जांच कर आवश्यक कार्यवाही की जाएगी।

बड़े दुकानों और प्रतिष्ठानों, उद्योगों से अनुरोध है कि थर्मल स्कैनर और पल्स ऑक्सीमीटर की व्यवस्था करके हेल्पडेस्क अवश्य बनायें। दुकान में घुसने से पहले हर व्यक्ति से लक्षण जरूर पूछें और टेंपरेचर जरूर देखें। लक्षण वाले व्यक्तियों को दुकान में प्रवेश न दें। हम सब मिलकर ही कोरोना को हरा सकते हैं। उन्होंने कहा कि प्राइवेट अस्पताल और नर्सिंग होम हेल्प डेस्क की स्थापना अवश्य करें। हेल्पडेस्क पर तैनात कर्मी सक्रिय रूप से कार्य करें।

आरोपी दो युवकों को पुलिस ने किया गिरफ्तार प्रदीप दूबे सुइथाकला, जौनपुर। सरपतहां थाना क्षेत्र के एक गांव में नाबालिग किशोरी के साथ एक युवक द्वारा दुष्कर्म के मामले में पुलिस ने आरोपी समेत तीन अन्य के खिलाफ मुकदमा पंजीकृत किया है। पीड़िता के परिजनों के अनुसार मामला शनिवार की रात लगभग 11 बजे का है जब किशोरी घर के बाहर शौच के लिए गई थी तो पलिया गांव निवासी युवक सोनू बिन्द पुत्र नन्द लाल उसका मुंह दबाकर उसके साथ बलात्कार किया। पीड़िता के मुताबिक वह आरोपी युवक के चंगुल से मुक्त होकर वापस आ रही थी कि गांव के हीं उक्त आरोपी के दोस्त मिन्टू उर्फ धर्मपाल बिन्द पुत्र बासदेव तथा राकेश प्रजापति पुत्र लक्ष्मण प्रजापति व किन्कू बिन्द पुत्र स्व. धर्म राज बिन्द गाली देते हुए धमकी देने लगे तथा राकेश प्रजापति ने कट्टा सटाते हुए यह कहा कि अगर थाने पर गई या किसी से बताई तो जान से मार दूंगा। मामले में पीड़िता के परिजनों द्वारा दूसरे दिन थाने पर लिखित तहरीर दी गई। प्रभारी निरीक्षक पंकज पाण्डेय ने बताया कि पीड़िता के परिजन की तहरीर पर आरोपी चारों युवकों के खिलाफ सुसंगत धाराओं में मुकदमा पंजीकृत करने के साथ हीं आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए दबिश दी जा रही है। इधर आरोपी युवकों के परिजनों का कहना है कि मामला दूसरा था रंजिशवश मुकदमा लिखाया गया है। फिलहाल पुलिस मामले में आवश्यक कार्यवाही कर रही है। मछलीशहर, जौनपुर। सिकरारा थानान्तर्गत ग्राम अरूआवा में अज्ञात वाहन की चपेट में आने से एक अधेड़ की मौत हो गई। ग्राम अरूआवा निवासी राधेश्याम सरोज (50) पुत्र स्व. हरीराम बाइक से अपने भतीजे अंकित पुत्र विनीत के साथ मछलीशहर के लिये निकले थे। बाइक वह स्वयं चला रहे थे। वह कोठारी गॉव की सीमा के पास पहुँचे थे कि पीछे से किसी अज्ञात वाहन ने जोरदार धक्का मार दिया। वह बाइक सहित सड़क किनारे गड्ढे में जाकर गिर गये। बाइक उनके ऊपर गिर पड़ी जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गये। वहीं उनके भजीते को हल्की चोटें आयी है। ग्रामीणों की मदद से उन्हें बाहर निकाला गया। गंभीर रूप से घायल राधेश्याम सरोज को सीएचसी ले जाया गया जहां डाक्टर ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। सूचना पर पहुंची पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिये भेज दिया। चंदन अग्रहरि शाहगंज, जौनपुर। क्षेत्र के सहावें गांव स्थित मुन्नू पोल्ट्री फार्म से रविवार की रात अज्ञात चोरों बकरा चुरा ले गए। भुक्तभोगी ने मामले की सूचना कोतवाली पुलिस को दे दी है। क्षेत्र के सहावें गांव निवासी इरशाद उर्फ मन्नू की गांव स्थित पोल्ट्री फार्म है रविवार की रात अज्ञात चोरों ने पोल्ट्री फार्म में घुस कर तीन बकरा चुरा ले गए। भुक्तभोगी ने मामले की सूचना कोतवाली पुलिस को दे दी है। अतुल राय जलालपुर, जौनपुर। क्षेत्र के अभिनव पूर्व माध्यमिक विद्यालय नाहरपट्टी की प्रधानाध्यापिका संजू चौधरी ने शिक्षा सम्बंधित एक प्रेस वार्ता के दौरान कही कि कोरोना जैसी वैश्विक महामारी में सभी स्कूलों, कालेजों को सुरक्षा की दृष्टि से बन्द करा दिया गया है और प्रतिदिन शिक्षकों की उपस्थिति अनिवार्य कर दिया गया है। यह बहुत अच्छी बात है। सरकार बच्चों को आनलाईन पढ़ाने के लिए प्रेरित कर रही है। जबकि हम सभी लोग जानते हैं कि शहरी इलाकों में कुछ हद तक आनलाइन पढाई किया जा सकता है, परन्तु ग्रामीण इलाकों में यह कार्य बहुत कठिन है। कठिन इसलिए है कि ग्रामीण इलाकों में किसी के पास एन्ड्राइड सेट मोबाइल नहीं है और यदि है तो नेटवर्क नहीं और कुछ लोगों का मोबाइल रिचार्ज नहीं है सभी लोग सक्षम नहीं है। इसलिए कठिनाई हो रही। ऐसी परिस्थितियों में बच्चों का भविष्य खराब हो जाएगा। यदि सरकार और शिक्षा विभाग के आला अधिकारी एक एक कक्षा को दो दो दिन चलाने का रोस्टर बनाते हुए अनुमति दें तो सोसल डिस्टेंसिंग के साथ एक दिन में एक ही कक्षा के बच्चों को तीन कमरों मे बैठाकर पढ़ाया जा सकता है और उनको होमवर्क देकर शिक्षा को बेहतर बनाते हुए बच्चों के भविष्य को सवारा जा सकता है। जैसे प्राथमिक विद्यालयों में दो दिन तीन के बच्चे को तो दो दिन चार के फिर दो दिन पाँच के बच्चों को पढ़ाया जाय। उसी तरह पूर्व माध्यमिक विद्यालय में दो दिन 6 को, दो दिन 7 को तथा दो दिन 8 के बच्चों को पढ़ाए जाने की अनुमति दी जाए तो शिक्षा की दृष्टि से बेहतर हो सकता है। ऐसा हम शिक्षकों का विचार है। क्योंकि सरकार बच्चों के लिए नि:शूल्क किताबों के साथ ड्रेस, बैग, शूज आदि सुविधाएं तो दे ही रही है, लेकिन जब तक बच्चों को शिक्षा नहीं मिलेगा तब तक इन सुविधाओं से कोई लाभ नहीं होना है। शिक्षा विभाग के अधिकारियों तथा सरकार को इन विषयों पर विचार करनी चाहिए।

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