जिला जज, डीएम एवं एसपी ने बच्चा जेल का किया निरीक्षण
तेजस टूडे ब्यूरो
रविन्द्र कुमार
उरई (जालौन)। उ0प्र0 राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण के निर्देशानुसार जनपद न्यायाधीश अचल सचदेव ने जिला कारागार का मासिक/त्रैमासिक भ्रमण किया।
उन्होंने विभिन्न बैरकों का भ्रमण करते हुये वहां निरूद्ध बन्दियों से पूछ-तांछ करते हुये उनकी समस्यों को जाना समझा तथा जेल प्रशासन को आवश्यक दिशा-निर्देश दिये। इस मौके पर जिला मजिस्ट्रेट राजेश पाण्डेय, अपर जिला जज/सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकरण राजीव सरन, मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट अभिषेक खरे, पुलिस अधीक्षक डॉ0 दुर्गेश कुमार, जिला प्रोबेशन अधिकारी अमरेन्द प्रौत्सायन एवं जेल प्रशासन के अधिकारीगण मौजूद थे।
निरीक्षण में जिला जज ने बन्दियों के मुकदमों की पैरवी, उनको दी जाने वाली विधिक सहायता/सलाह और महिला बन्दी व उनके साथ रह रहे बच्चों की चिकित्सा व खान-पान इत्यादि के बारे में जाना-परखा। उन्होंने कई बन्दियों से अलग-अलग जानकारी लेते हुये जेल प्रशासन को निर्देशित किया कि कोई भी ऐसा बन्दी जिसका निजी अधिवक्ता न हो अथवा विधिवत् ढंग से न्यायालयों में पैरवी न हो पा रही हो, को विधिक सहायता दिलाये जाने हेतु आवश्यक कार्यवाही सुनिश्चित करें। यदि किसी विचाराधीन बन्दी को पैरवी हेतु सरकारी खर्चे पर अधिवक्ता की आवश्यकता हो तो सम्बन्धित न्यायालय में बन्दी की ओर से प्रार्थनापत्र दिलवाया जाना सुनिश्चित करें, ताकि एमाइकस क्यूरी (न्यायमित्र) की सुविधा उपलब्ध हो सके। इसी प्रकार जो बन्दी दोषसिद्ध हो चुके हैं, की अपील न हो पाने की स्थिति में नियमानुसार जेल अपील करायी जाय। इसमें जिला विधिक सेवा प्राधिकरण से आवश्यक समन्वय बनाकर ऐसे प्रकरणों का निर्धारित समयावधि में निस्तारण किया जाय, ताकि अपील की मियाद समाप्त न होने पाये। जेल अपील कराये जाने में यदि कोई विधिक समस्या आ रही है तो उसको सचिव, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के संज्ञान में लाते हुये द्वारा उचित माध्यम उच्च न्यायालय विधिक सेवा समिति से यथा आवश्यक पत्राचार किया जाये।
18 वर्ष से 21 वर्ष तक के किशोर अपचारियों की शिक्षा के सम्बन्ध मे पूछने पर जेल अधीक्षक ने बताया कि बेसिक शिक्षा विभाग के सहयोग से एक शिक्षक का सम्बद्धीकरण किया गया हैं। जनपद न्यायाधीश ने जेल अधीक्षक को निर्देशित किया कि जिन विचाराधीन बन्दियों की जमानत सक्षम न्यायालय से हो चुकी हैं एवं जमानतगीर के अभाव में जेल में रिहा नहीं हो पा रहे हैं, ऐसे बन्दियों की सूची कार्यालय जिला विधिक सेवा प्राधिकरण को अविलम्ब उपलब्ध कराये जिससे कि उनकी रिहाई सम्भव हो सके।
इस अवसर पर जेल अधीक्षक नीरज देव, कारापाल प्रदीप कुमार, उप कारापाल अरविन्द सिन्हा, अमर सिंह, जेल चिकित्सक डॉ0 राहुल बर्मन, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण जालौन के लिपिक शुभम् शुक्ला आदि उपस्थित रहे।
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