किसी बीमारी से बचाव के लिये जागरूकता ही सबसे बड़ी दवा है: मोहन लाल
तेजस टूडे ब्यूरो
देवी प्रसाद शर्मा
अहरौला, आजमगढ़। स्थानीय विकास खंड के स्थानीय बाजार में इस समय बारिश का मौसम है, इसमें वेक्टर जनित बीमारियों के फैलने का खतरा ज्यादा बढ़ गया है।
ऐसे में बीमारियों के रोकथाम के लिए ग्राम पंचायत अहिरौला में बीते बुधवार की शाम 7 बजे से रात 8:30 बजे तक ग्राम प्रधान के अनुरोध पर स्वास्थ्य विभाग अहिरौला की रिपोर्ट पर जिला मलेरिया रोकथाम विभाग अधिकारी राधेश्याम यादव के निर्देश पर एंटी लार्वा दवा के द्वारा फागिंग अभियान चलाया गया। यह अभियान कस्बे के सोनकर बस्ती, मुस्लिम बस्ती, आजाद गली, बिहारी गली, कुम्हार बस्ती, गोंड बस्ती, ब्राह्मण ठाकुर बस्ती और मतलूबपुर बॉर्डर से कप्तानगंज रोड पर कस्बे के अंतिम छोर तक 2 घंटे तक फागिंग अभियान चलाया। इससे रात भर मच्छरों से लोगों ने राहत की सांस ली। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र अहिरौला के प्रभारी चिकित्सा अधिकारी डा. मोहन लाल ने सभी ग्राम पंचायत को दिशा निर्देश जारी करते हुए कहा कि बारिश के समय में जमीन पर खर—पतवार ज्यादा हो जाते हैं और जगह-जगह जलजमाव हो जाता है। ऐसे में मच्छरों का प्रकोप बढ़ जाता है और कई तरीके के कीट, पतंग भी उत्पन्न हो जाते हैं जिनके काटने से कई तरीके के संक्रमित बीमारियां जैसे मलेरिया, डेंगु, चिकन गुनिया, फ़ाइलेरिया मस्तिष्क ज्वर आदि का प्रकोप की संभावना ज्यादा होती है, इनसे बचाव के लिए सोते समय मच्छरदानी का प्रयोग करना, अपने आस—पास पानी का जमाव न होने देना, कूलर का पानी बदलते रहना, फुल आस्तीन का कपड़ा पहने अपने आपको अस्वस्थ होने के स्थिति महसूस होने पर तुरंत निजी स्वास्थ्य केंद्र पर पहुंचकर जांच करायें। किसी बीमारी से बचाव के लिए जागरूकता ही सबसे बड़ी दवा है। इसके अलावा साफ पानी पिये, खुला हुआ खाद्य पदार्थ का सेवन ना करे। इस सावधानी से डायरिया, पीलिया मियादी बुखार आदि बीमारियों से भी बचा जा सकता है। इस तरह के फागिंग से ऐसी बीमारियों को रोकने में काफी सहायक होती है इस तरह के कार्य हर ग्राम पंचायतों को कराना चाहिए। जिस तरह से अहिरौला ग्राम पंचायत ने किया है, यह जनहित में एक प्रतिनिधि के लिए सही कदम है।
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