जिलाधिकारी की पहल रंग लायी
चकमार्गों को अतिक्रमण से दिलायी मुक्ति, 278 प्रकरणों का हुआ निस्तारण
तेजस टूडे ब्यूरो
मुसैब अख्तर
गोण्डा। जिलाधिकारी नेहा शर्मा की सख्ती का असर, वर्षों पुराने कब्जे हटे, किसानों को मिली राह चकमार्ग विवादों का निकाला स्थायी समाधान, अतिक्रमण हटाकर मनरेगा से कराई जा रही है। मिट्टी पटाई जिला प्रशासन गोंडा द्वारा ग्रामीण संपर्क व्यवस्था को सुगम और विवादमुक्त बनाने की दिशा में चलाया गया विशेष अभियान।
अब परिणाम देने लगा है। जिलाधिकारी के नेतृत्व में शुरू की गई चकमार्गों को अतिक्रमण से मुक्त कराने की मुहिम के तहत अब तक जनपद के 278 प्रकरणों का सफलतापूर्वक निस्तारण किया जा चुका है। यह कार्रवाई सभी तहसीलों में गठित 10-10 क्विक रिस्पॉन्स राजस्व टीमों के माध्यम से की गई जिन्हें जिलाधिकारी द्वारा स्पष्ट निर्देश दिए गए थे कि तहसील समाधान दिवस में प्राप्त होने वाले चकमार्ग संबंधी प्रकरणों का प्राथमिकता के आधार पर निस्तारण सुनिश्चित किया जाय।
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स्थायी समाधान की दिशा में कदम
चकमार्ग विवादों के स्थाई समाधान हेतु प्रशासन ने मनरेगा योजना के तहत मिट्टी पटान, मरम्मत और पटाई कार्य भी प्रारंभ कर दिए हैं, ताकि इन मार्गों की स्थिति भविष्य में स्थाई रूप से बहाल रहे। इस अभियान की विशेषता यह रही कि सभी कार्रवाईयों में ग्राम प्रधानों, ग्रामीणों और राजस्व टीमों की भागीदारी सुनिश्चित की गई जिससे कार्यवाही पारदर्शी, प्रभावी और समयबद्ध बनी रही।
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तहसीलवार कार्यवाही की प्रमुख उपलब्धियां
गोष्ठा तहसील के पण्डरी कृपाल, रूपईडीह, झंझरी एवं इटियाथोक विकास खंडों में 97 चकमार्ग मुक्त कराए गए। करनैलगंज तहसील के करनैलगंज, कटरा बाजार, परसपुर और हलधरमऊ विकास खंडों में 82 प्रकरणों का निस्तारण हुआ। मनकापुर तहसील में बभनजोत, छपिया और मनकापुर ब्लॉक में 40 चकमार्ग अतिक्रमणमुक्त हुए। तरबगंज तहसील के नवाबगंज, तरबगंज, वजीरगंज और बेलसर क्षेत्रों में 59 चकमार्गों से अवैध कब्जे हटाए गए। इसके अतिरिक्त, 9 अन्य मामलों में भी सफलतापूर्वक कार्रवाई की गई।
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जनहित सर्वोपरि
जिलाधिकारी ने कहा, “चकमार्गों पर अतिक्रमण न केवल भूमि विवाद को जन्म देता है, बल्कि किसानों को अपने खेतों तक पहुंचने में भी बाधा उत्पन्न करता है। इस अभियान का उद्देश्य ग्रामीणों को उनकी भूमि तक निर्बाध पहुंच सुनिश्चित कराना है।” उन्होंने स्पष्ट किया कि भविष्य में चकमार्गों पर पुनः अतिक्रमण करने वालों के विरुद्ध सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी और यह अभियान निरंतर जारी रहेगा।
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10-10 वर्षों से लम्बित प्रकरणों का हुआ निस्तारण
ग्राम बरसैनिया लखपतराय में 10 वर्षों से चले आ रहे खलिहान भूमि के कब्जे को जिलाधिकारी के निर्देश पर तत्काल हटाया गया। ग्राम चुवाड़, बभनीपायर में चकमार्ग की पैमाइश कराकर ग्राम प्रधान को सुपुर्द किया गया। ग्राम बूढ़ापायर में तालाब की भूमि को अतिक्रमण से मुक्त कराकर उपयोगिता सुनिश्चित की गई। ग्राम देवरिया, केशवनगर ग्रन्ट पश्चिमी एवं चकगौरा में भी शीघ्र कार्रवाई कर ग्रामीणों को राहत दी गई। यह जनहित में चलाया गया अभियान न केवल ग्रामीण बुनियादी ढांचे को सुधार रहा है, बल्कि प्रशासन के प्रति जनता के भरोसे को भी मजबूत कर रहा है। यह मुहिम आने वाले दिनों में अन्य जिलों के लिए मॉडल उदाहरण बन सकती है।
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