जूस पीने के बाद जब जितेंद्र ने उनसे पैसे मांगे तो दोनों ने न केवल जातिसूचक शब्दों का प्रयोग किया, बल्कि उसकी बेरहमी से पिटाई भी कर दी। सूचना पर पहुंची पुलिस ने आरोपियों को हिरासत में लेने के बाद बिना किसी कार्रवाई के छोड़ दिया जबकि पीड़ित को जिला अस्पताल भेजा गया। वहां उसे एक्स-रे कराने की सलाह दी गई लेकिन एक्स-रे नहीं हो सका। बाद में 12 जून को जितेंद्र ने मेडिकल कॉलेज में जाकर एक्स-रे करवाया जिसमें चोट की पुष्टि हुई। इसके बावजूद पुलिस की ओर से अब तक कोई कार्रवाई नहीं की गई है। पीड़ित ने इस मामले को लेकर पुलिस अधीक्षक से मिलकर न्याय की गुहार लगाई है।








