कविता व गीतों की साहित्यिक गंगा में बहा सांगीपुर: राजेन्द्र बहादुर
तेजस टूडे सं.
सुशील तिवारी
तिलोई, अमेठी। स्थानीय क्षेत्र में दुर्गा पूजा पर बीते बुधवार को ग्राम सांगीपुर में भव्य “कवि सम्मेलन” का आयोजन हुआ जिसकी अध्यक्षता राजेन्द्र बहादुर सिंह पूर्व प्राचार्य एवं जिला पंचायत सदस्य तथा संचालन ओज कवि राज किशोर सिंह “किशोर” ने किया। कार्यक्रम का शुभारंभ अमेठी से पधारे कवि चन्द्र प्रकाश पाण्डेय मंजुल की वाणी वंदना से हुआ। देर रात तक हुए कवि सम्मेलन में कवियों ने अपनी सुन्दर रचनाओं से श्रोताओं को मंत्र—मुग्ध कर दिया।
रायबरेली से पधारे कवि संदीप शरारती ने ग्राम पंचायत चुनावों में प्रत्याशियों की मानसिकता का चित्रण इस प्रकार से किया।जो सौ पचास गांव मा कमाय लेत हैं, परधानी लड़ै केर ख्वाब देखत हैं वहौ। अमेठी से पधारे कवि चन्द्र प्रकाश पाण्डेय मंजुल ने जगह जगह बैठे झोला छाप डॉक्टरों पर अपनी व्यंग्य रचना प्रस्तुत किया जिसे श्रोताओं ने खूब सराहा। प्रतापगढ़ से पधारे कवि फैयाज परवाना ने भगवान राम पर प्रस्तुत मुक्तकों एवं छन्दों से श्रोताओं को भाव विभोर कर दिया वन गमन के क्षणों को उन्होंने इस प्रकार से प्रस्तुत किया। जिन संग चला सिय तू हमरे नहीं कष्ट तुहूं का सहै का परी।
रायबरेली से पधारे कवि दीपेन्द्र तनहा ने आधुनिक बहू का चित्रण इस प्रकार से किया। सुन भैया सुन नई-नई दुलहिन कै नवा नवा गुन। कार्यक्रम का संचालन कर रहे अमेठी जनपद के सुप्रसिद्ध ओज कवि राज किशोर सिंह “किशोर” ने अपने ओजस्वी छन्दों एवं मुक्तकों पर श्रोताओं की खूब तालियां बटोरी घमंडी प्रवृत्ति के व्यक्तियों पर उनकी इन पंक्तियों को श्रोताओं ने खूब सराहा। मिलता आशीर्वाद नहीं तो पांव पुजाई न होगी। उर अन्तस में प्रेम नहीं उसकी प्रभुताई न होगी। कवि सम्मेलन में आये हुए कवियों एवं श्रोताओं का आभार धीरेन्द्र प्रताप सिंह जिलाध्यक्ष प्राथमिक शिक्षक संघ अमेठी ने व्यक्त किया।
इस अवसर पर कृष्ण कुमार सिंह, राम आधार सिंह, संदीप सिंह प्रधानाचार्य, विजय सिंह, अम्बिका शरण खरे, रामेन्द्र सिंह, जितेन्द्र प्रताप सिंह, अंजनी सिंह, राम लखन सिंह, ऋतुराज सिंह, राज बहादुर सिंह, ददन सिंह, चन्दन मौर्य, अभिषेक सिंह, सुनील वर्मा, साहब शरण वर्मा, ज्योति खरे, शशि कुमारी सिंह, रन्जू सिंह, मीना सिंह सहित श्रोतागण उपस्थित रहे।













