JAUNPUR NEWS : तेज बुखार होने पर तत्काल डाक्टर से परामर्श लें: डा. शमीम
बदलते मौसम में खान-पान के साथ सेहत का रखें विशेष ध्यान
राकेश शर्मा
खेतासराय, जौनपुर। स्थानीय नगर के बैंक ऑफ बड़ौदा के निकट स्थित जासिम होम्योपैथिक क्लिनिक एंड प्रिवेंटिव केयर सेंटर के संचालक डा. मो0 शमीम ने मीडिया कर्मियों से बातचीत के दौरान बताया कि बदलते मौसम के साथ ठंड का मौसम दस्तक दे रहा है। इस मौसम में अपनी सेहत का भी खास ख्याल रखें बदलते मौसम में बीमारियाँ बढ़ने लगती हैं इसलिए अपनी दिनचर्या में सावधानी के साथ बदलाव करें। उन्होंने बताया कि डेंगू संक्रमण छूआछूत की बीमारी नहीं है। इस समय वाइरल फीवर और डेंगू संक्रमण के मामले तेज़ी से बढ़ रहे हैं। डेंगू संक्रमण एडिस मच्छर काटने से होता है। डेंगू बुखार जनस्वास्थ्य के लिए खतरा प्रदर्शित करता है। किसी व्यक्ति में लक्षण विकसित होने के दो दिन बाद तक संचरण हो सकता है।डेंगू बुखार का लक्षण आम तौर पर 4 से 6 दिन बाद शुरू होता है और दस दिनों तक लगभग रहता है। उन्होंने बताया कि गर्भावस्था के दौरान डेंगू संक्रमण बच्चे पर भी जोखिम प्रभाव डाल सकता है। डेंगू बुखार के लक्षण अचानक तेज बुखार, गम्भीर सिरदर्द, जोड़ों और मांसपेशियों में असहनीय दर्द, आंखों में दर्द के साथ जी मिचलाना, उल्टी, खुजली, थकान आदि इसके लक्षण पाए जाते हैं। इस संक्रमण में प्लेटलेट्स की संख्या में कमी हो सकती है। ये लक्षण मिलने पर बिल्कुल लापरवाही न करें, पैनिक ना हों संयम से काम लें तुरन्त डॉक्टर की सलाह लें और अपने नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र पर इसका परीक्षण करवाएं। स्वास्थ्य विभाग द्वारा दी गयी गाइडलाइन का पालन करें। डेंगू संक्रमण से बचने के लिए सावधानियां बरतें, घरों में मच्छरदानी का प्रयोग करें, फुल आस्तीन का कपड़ा पहनें, मोजे का इस्तेमाल करें, अपने अगल-बगल पानी इकट्ठा ना होने दें, पालतू जानवरों के पीने का पानी रोज़ बदले, इसी के साथ खान-पान का विशेष ध्यान दें। संक्रमित होने पर फ़ूड सबलिमेंट में हरी सब्जियां, फल तथा तरल पदार्थों का अधिक मात्रा में सेवन करें जिससे संक्रमण का प्रभाव कम होता है। इन सावधानियों के साथ डेंगू संक्रमण से बचा जा सकता है।

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