जहां बीती पांच मई को सतना के मूल निवासी एक व्यक्ति ने बताया था कि वह यहां अपनी नौकरी के सिलसिले में किराये का मकान ले कर रहता है। उनका सत्रह वर्षीय बेटा कहीं लापता हो गया है। चूंकि मामला नाबालिग बच्चों से जुड़ा था इसलिये पुलिस तुरंत इस मामले में सक्रिय हुई और सोमवार को रायबरेली में रहने वाले लापता बालक समेत एक अन्य किशोर को सकुशल बरामद कर लिया। इन बच्चों की बरामदगी के बाद जो पूछताछ में सामने आया वह हर किशोर बच्चों के माता पिता के लिए जानना आवश्यक है। सतना से लापता बच्चे ने बताया कि उसने इंस्टाग्राम पर एक रील देखी थी जिसमें बताया गया था कि एक लगाव और दस पाओ। इस रील से प्रभावित बच्चे ने उसके परिचित किशोर जो रायबरेली में रहता है उससे संपर्क किया और कहा कि वह माता जी के कुछ आभूषण लेकर आएगा जिसे बेचकर रील में बताये गये पते पर पहुँच कर वह पैसा लगा देगा। उस पैसे का दस गुना वापस लेकर जब हम लोग आएंगे तो घर वाले भी नाराज़ नहीं होंगे। इसी प्लान के तहत सतना वाला रायबरेली में रह रहा किशोर अपने एक मित्र के पास लखनऊ पहुंचा जहाँ सतना में रहने वाला किशोर भी पहुँच गया। यहां लखनऊ वाले मित्र ने सतना से लाये सत्रह ग्राम सोने को एक सुनार के यहां 72 हज़ार रुपये में बिकवा दिया। यह पैसा लेकर रायबरेली और सतना में रहने वाले दोनों किशोर भुसावल के पास मलकापुर पहुँच गये। इंस्टाग्राम की रील में यहीं का पता बताया गया था। यहां इंस्टाग्राम पर दिये गये मोबाइल नम्बर से उस व्यक्ति को फ़ोन किया जिसने अपनी रील में एक का दस देने का वायदा किया था। उस व्यक्ति ने गूगल लोकेशन से दोनों को रास्ते में ही रोककर मारा पीटा और सारे पैसे छीन लिए। उस व्यक्ति ने किशोरों का मोबाइल भी ले लिया लेकिन एक हज़ार वापस जाने के लिए दे दिया। इधर किसी तरह लखनऊ पहुंचे बच्चों के पास जब पैसा ख़त्म हो गया तो इन लोगों ने किसी के माध्यम से परिजनों को फ़ोन कर गूगल पे करवाया। इधर रायबरेली पुलिस की साइबर टीम सक्रिय थी। परिजनों ने जैसे ही गूगल पे वाली बात पुलिस को बताई उसने लखनऊ का पता ट्रेस कर दोनों किशोरों को सकुशल बरामद कर लिया। पुलिस ने दोनों किशोरों को उनके परिजनों के हवाले कर दिया है। मिल एरिया पुलिस की तत्परता का नतीजा रहा की बच्चे सकुशल माता पिता के पास आ पाए। जिसके बााद से चारों तरफ पुलिस की वाहवाही हो रही है।





