एडीएम की मानवता: वृद्ध मां को आश्रम में छोड़ने बाले सुपरवाइजर को लगायी फटकार
तेजस टूडे ब्यूरो
रविन्द्र कुमार
उरई (जालौन)। जिले के अपर जिलाधिकारी संजय कुमार की माता पिता के लिए बहुत बड़ी मानवता देखने को मिली।
एक संविदाकर्मी ने अपने ही पत्नी के कहने पर अपनी जन्म देने वाली को घर से निकाल दिया और वृद्धा आश्रम छोड़ आया। एडीएम ने पता करके संविदाकर्मी को ऑडीए विभाग के अधिकारी के सामने बुलवाकर उसे कड़ी फटकार और कड़ी हिदायत दी। बोले माँ का दर्जा सबसे बड़ा होता है। सारे धर्मों में सबसे ऊंचा माता पिटा का दर्जा होता है। उसके बाद भी कुछ कलयुगी बेटे अपनी पत्नियों के कहने पर अपनी जन्म देने बाली माँ को ही घर से निकाल देते हैं या फिर उन्हें वृधा आश्रम में छोड़ आते हैं और माँ बेटे के पवित्र रिश्ते का अपमान करते हैं।
ऐसा ही मामला जालौन में देखने को मिला ज़ब ओडीए विभाग में कार्यरत एक अर्धसरकारी {संविदाकर्मी) ने अपनी पत्नी के कहने पर अपनी माँ को वृद्धा आश्रम भेज दिया। एडीएम संजय कुमार ने बताया कि ऑडीए विभाग में संविधा पर सुपरवाइजर है जो दो भाई हैं। मेरे आवास के पास सुबह एक वृद्ध मां टहलने आती थी जिससे उनकी रोज मुलाक़ात होती थी। सावन के पर्व के बाद वृद्ध माँ अचानक लापता हो गयी परंतु उन्होंने पता किया तो पता चला कि ऑडीए विभाग में उसका लड़का कार्यरित है जिस पर उन्होंने सभी से पूछा तब जाकर पता कि संविदाकर्मी सुपरवाइजर अपनी पत्नी के कहने पर वृद्ध माँ को वृद्धा आश्रम छोड़ आया। आज सुबह एडीएम श्री कुमार ने सुपरवाइजर को अपने ऑफिस बुलाया और अधीनस्थ के सामने ही उसे बुरी तरह फटकार लगाई। साथ ही कड़ी हिदायत दी कि माँ को लेकर घर रखो, अन्यथा तुम्हारी ख़ैर नहीं।
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