परिवार न्यायालय ने भरण—पोषण के मुकदमे में वादी की शिकायत को किया निरस्त
अधिवक्ता प्रशान्त गुप्ता की दलील पर विद्वान न्यायाधीश ने लिया निर्णय
जौनपुर। अपर प्रधान न्यायाधीश परिवार न्यायालय प्रथम के यहां लम्बित मुकदमे में विमल प्रकाश आर्य (एचजेएस) ने अधिवक्ता की दलील पर विपक्षी के पक्ष में आदेश जारी करते हुये वादी की शिकायत को निरस्त कर दिया।
विपक्षी के अधिवक्ता प्रशान्त गुप्ता द्वारा दी गयी जानकारी के अनुसार उपरोक्त न्यायालय में लम्बित मुकदमा नम्बर 546/2022 में शिमला देवी, रिशु बनाम राजेश यादव है। भरण पोषण के मुकदमे में विपक्षी की तरफ से प्रशान्त गुप्ता एडवोकेट ने शिमला व कन्हैया लाल (पिता प्रार्थनी) का जिरह किया। साथ ही न्यायालय के समक्ष विपक्षी की तरफ से बहस करके यह साबित करने में अधिवक्ता सफल रहे कि प्रार्थिनी बिना किसी युक्ति युक्त कारण अपने पति से अलग रह रही है। वह अपना भरण-पोषण करने में सक्षम है। न्यायालय ने गुण-दोष के आधार पर प्रशान्त गुप्ता एडवोकट के बहस को सुनते हुये विधि व्यवस्था के सिद्धांतों के आधार पर निर्णय लिया। साथ ही आदेशित किया कि शिमला आदि का प्रार्थना पत्र धारा 125 दण्ड प्रक्रिया संहिता बाबत भरण-पोषण प्रार्थिनी शिमला देवी के सम्बन्ध में निरस्त किया जाता है।
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