प्राणी:कालीन बेला में मंदिर में विराजमान सभी विग्रहों का मंगल अभिषेक एवं मनमोहक श्रृंगार किया जायेगा तथा सायंकाल समाज गायन होगा। आपने बताया कि अक्षय तृतीया को पुरानी परम्परानुसार गुड सत्तू का प्रसाद सभी को वितरित किया जायेगा एवं इसी दिन से भव्य फूल बंगला सजाया जायेगा जो गुरुपूर्णिमा तक चलेगा।





