दहेज उत्पीड़न के मामले में सास, ससुर, पति व देवर को हुई सजा
तेजस टूडे ब्यूरो
शिवमंगल अग्रहरि
चित्रकूट। दहेज उत्पीड़न के मामले में दोष सिद्ध होने पर त्वरित न्यायालय ने पीड़िता के पति, सास, ससुर और देवर को पांच-पांच वर्ष कारावास की सजा सुनाई है। साथ ही प्रत्येक को 19 हजार के अर्थदण्ड से दण्डित किया है।
सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता फौजदारी गोपालदास ने बताया कि प्रयागराज जिले के बारा थाने के लोहगरा गांव के निवासी शंकरलाल ने बीती 17 जुलाई 2019 को मऊ थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। शिकायतकर्ता के अनुसार उसने अपनी बेटी फूलकली की शादी मऊ थाने के ग्राम मटियारा मजरा ढढवार निवासी अरविन्द कुमार के साथ की थी। शादी के बाद से दहेज की मांग को लेकर ससुरालीजन उसका उत्पीडन करने लगे। बीती 29 जून 2019 को ससुरालीजनों ने फूलकली को लाठी डण्डों से मारकर उसके हाथ पैर तोड दिए और प्रयागराज के एक अस्पताल में भर्ती कराने के बाद उसे सूचना दी गयी। जिसमें बताया गया कि उसकी बेटी सीढी से गिरकर घायल हो गई है। मायके पक्ष के लोगों के अस्पताल पहुंचने पर ससुरालीजन बिना बताए वहां से भाग गए। इसके बाद फूलकलि ने दहेज के कारण अपने साथ हुई मारपीट की घटना की जानकारी दी और पीड़िता के पिता ने मामले की रिपोर्ट दर्ज कराई। पुलिस ने इस मामले में आरोपियों को गिरफ्तार करने के बाद न्यायालय में आरोप पत्र दाखिल किया था। बचाव और अभियोजन पक्ष के अधिवक्ताओं की दलीले सुनने के बाद त्वरित न्यायालय के अपर जिला जज नीरज श्रीवास्तव ने निर्णय सुनाया। जिसमें दोष सिद्ध होने पर पीड़िता के पति अरविन्द, सास लल्ली, ससुर उमाशंकर एवं देवर अजय कुमार को पांच-पांच वर्ष कारावास के साथ 19-19 हजार रूपए अर्थदण्ड की सजा सुनाई।
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