जखनियां में मारपीट एवं पुलिस कार्यवाही को लेकर मजदूर यूनियन ने सौंपा ज्ञापन
तीन मामलों में निष्पक्ष जांच एवं दोषियों के खिलाफ कार्यवाही की मांग
तेजस टूडे ब्यूरो
गाजीपुर। जखनियां क्षेत्र में मारपीट, पुलिस कार्रवाई और कथित उत्पीड़न से जुड़े विभिन्न मामलों को लेकर उत्तर प्रदेश खेत एवं ग्रामीण मजदूर यूनियन ने प्रशासन का ध्यान आकृष्ट कराया है। यूनियन की ओर से 13 अक्टूबर को उपजिलाधिकारी, पुलिस अधीक्षक सहित अन्य संबंधित अधिकारियों को संबोधित ज्ञापन सौंपकर मामलों की निष्पक्ष जांच कराने तथा दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की गई है। ज्ञापन में यूनियन ने 3 अलग-अलग मामलों का उल्लेख करते हुए पीड़ित परिवारों को न्याय दिलाने की मांग किया है।
पहले मामले में मारपीट एवं धमकी का आरोप
ज्ञापन के अनुसार भुड़कुड़ा थाना क्षेत्र के एक गांव में कथित मारपीट और धमकी की घटना को लेकर शिकायत की गई है। यूनियन ने आरोप लगाया है कि घटना के बाद पीड़ित पक्ष को न्याय मिलने में कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। संगठन ने संबंधित मामले की जांच कराकर पीड़ित परिवार को सुरक्षा उपलब्ध कराने और नियमानुसार कार्रवाई करने की मांग किया है।
दूसरे मामले में पुलिस कार्यवाही पर उठाये सवाल
यूनियन ने भुड़कुड़ा थाना क्षेत्र के राम अवध राम से संबंधित मामले का भी उल्लेख किया है। ज्ञापन में आरोप लगाया गया है कि विवाद के दौरान मारपीट और उत्पीड़न की घटनाएं हुईं, लेकिन पीड़ित पक्ष की शिकायत पर अपेक्षित कार्रवाई नहीं की गई। संगठन ने मामले की निष्पक्ष जांच कराने, दोनों पक्षों के आरोपों की पड़ताल करने और दोषी पाए जाने वालों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई करने की मांग किया है।
तीसरे मामले में राजस्व टीम से जुड़ा प्रकरण
ज्ञापन में भांवरकोल थाना क्षेत्र के एक गांव में राजस्व टीम से संबंधित मामले का भी उल्लेख किया गया है। यूनियन ने इस प्रकरण में भी प्रशासन से आवश्यक जांच कराकर नियमानुसार कार्रवाई सुनिश्चित करने की मांग की है। आंदोलन की चेतावनी उत्तर प्रदेश खेत एवं ग्रामीण मजदूर यूनियन ने ज्ञापन के माध्यम से प्रशासन से तीनों मामलों में निष्पक्ष जांच कर उचित कार्रवाई करने की अपील किया है। संगठन का कहना है कि यदि शिकायतों पर कार्रवाई नहीं हुई तो यूनियन आंदोलन करने के लिए बाध्य होगी। ज्ञापन पर संगठन के पदाधिकारियों एवं प्रतिनिधियों के हस्ताक्षर हैं। हालांकि ज्ञापन में लगाए गए आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। संबंधित पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों का पक्ष सामने आने के बाद मामले की स्थिति और स्पष्ट हो सकेगी।













