Jaunpur News : बछड़ा बचाने के लिये युवक ने लगायी जान की बाजी
मड़हे में लगी आग की चपेट में आने से बछड़ा व युवक झुलसा
जिलाधिकारी के संज्ञान व हस्तक्षेप पर सक्रिय हुये कर्मचारी
विनोद कुमार
केराकत, जौनपुर। स्थानीय क्षेत्र के सेनापुर गांव में बीती रात मड़हे में आग लगाने से लगभग चार कुंतल गेंहू, भूसा जलकर खाक हो गया। साथ ही आग की चपेट में आने से बछड़ा व युवक भी झुलस गया। बता दें कि भीमसेन पुत्र संत लाल रोज की भांति सोने से पहले मडहे में बधी गाय को मच्छर से बचने के लिये अण्डे का गत्ता जलाकर सो गये। आधी रात बीत जाने के बाद अचानक गत्ते में लगी आग की चिंगारी निकलने से आग लग गई। जब तक परिजनों की नींद खुलती तक तक आग विकराल रूप धारण कर लिया।
मड़हे बधे बछड़े की आवाज सुन भीमसेन ने अपनी जान की परवाह न करते हुए मड़हे में घुसकर बछड़े को बचाने में रहा कामियाब, मगर आग की लपटे इतनी विकराल थी कि भीमसेन व बछड़ा आग चपेट में आ गये परिजनों के चीखने चिल्लाने की आवाज सुन आस-पास के लोगों की भीड़ जब तक इकट्ठा होती तब तक मडहा व उसमें रखा समान जलकर राख हो गया। सुबह लगभग 8 बजे हल्का नेखपाल को फोन कर सूचित करने का प्रयास किया गया तो उनका मोबाइल बंद था। तत्पश्चात् उपजिलाधिकारी को फोन किया गया लगभग 4 बार फोन करने के बाद भी फोन नहीं उठा तो थक-हारकर जिलाधिकारी को फोन कर मामले से अवगत कराया गया। जिलाधिकारी के मामले को संज्ञान में लेते ही तहसील प्रशासन में कुछ समय के लिए हड़कंप मच गया। आनन फानन में जिम्मेदार अधिकारियो ने मामले को संज्ञान में लेते हुए प्राथमिक उपचार हेतु वेक्सीनेटर संदीप दीक्षित मौके पर भेज बछड़े का इलाज कराया गया। मामले की जानकारी होने के बाद हल्का लेखपाल ब्रह्मनाथ कौशिक ने मौके पर पहुंच जांच-पड़ताल की। भीमसेन की हालत देख 108 पर फोन कर एम्बुलेंस से सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र केराकत भिजवाया गया जहां से प्राथमिक उपचार के बाद उन्हें बेहतर उपचार के लिये जिला चिकित्सालय भेजा गया। भीमसेन ने जो मानवता की मिसाल पेश की है। उसकी क्षेत्र में चर्चा का विषय बना हुआ है।
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