विकास के नाम पर सिर्फ कागजी कार्यवाही हो रही है जबकि जनता को बुनियादी जरूरतों के लिए दर-दर भटकना पड़ रहा है। गांव के भुजवनडीह मजरा के लोग प्रधान और पंचायत सचिव के सौतेले व्यवहार से परेशान हैं। प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत पात्र लोगों को अब तक पक्के मकान नहीं मिले हैं जिससे कई परिवार अब भी फूस की झोपड़ियों में रहने को मजबूर हैं।





