बालिकाएं व महिलाएं अपनी सुरक्षा के प्रति स्वयं बनें सक्षम: हीरा लाल
अतुल राय
वाराणसी। बालिकाएं व महिलाएं अपनी सुरक्षा के प्रति स्वयं बनें सक्षम। आत्मरक्षा द्वारा न सिर्फ बालिकाएँ व महिलाएं अपनी स्वयं सुरक्षा कर सकती हैं, बल्कि असुरक्षा के कारण विद्यालय न जाने वाली बालिकाओं की शिक्षा में निरंतरता सुनिश्चित हो सकेगी। उक्त बातें जिला ग्राम्य विकास संस्थान परमानंदपुर में समग्र शिक्षा परियोजना, बेसिक शिक्षा विभाग उत्तर प्रदेश अंतर्गत जनपद चन्दौली के विकास खण्ड बरहनी, चन्दौली सदर, चहनियां से नामांकित प्राथमिक, उच्च प्राथमिक, कम्पोजिट व केजीबीवी विद्यालयों में तैनात शारीरिक व्यायाम शिक्षकों, अनुदेशकों के छः दिवसीय “वीरांगना रानी लक्ष्मीबाई आत्मरक्षा” विषयक प्रशिक्षकों का प्रशिक्षण सत्र पर सेवानिवृत्त मुख्य विकास अधिकारी हीरा लाल ने कही।

जिला प्रशिक्षण अधिकारी विमल सिंह ने प्रतिभागियों को सम्बोधित करते हुए कहा कि विद्यालयों में नामांकित छात्र—छात्राओं को मानसिक तथा शारिरिक रूप से शक्तिशाली बनाये जाने के उद्देश्य से भारत सरकार द्वारा रानीलक्ष्मीबाई आत्मरक्षा प्रशिक्षण कार्यक्रम का क्रियान्वयन प्रदेश के सभी जनपदों में महिला बाल सुरक्षा संगठन के सहयोग से दीन दयाल उपाध्याय राज्य ग्राम्य विकास संस्थान द्वारा जिला व क्षेत्रीय ग्राम्य विकास संस्थानों पर यह छः दिवसीय आवासीय आयोजित किया गया है।
प्रशिक्षण सत्र में उपस्थित प्रशिक्षक आज़ाद हुसैन ने बताया कि प्रशिक्षण कार्यक्रम के छः दिवसों में प्रतिभागियों को आत्मरक्षा क्या है व उसके गुण, खतरों को पहचानना, महिलाओं व बालिकाओं हेतु प्रमुख कानून, हेल्पलाइन, बाल यौन शोषण, सेफ-अनसेफ टच, साइबर बुलिंग, जेंडर लैंगिक हिंसा, मानव तस्करी, मानव शरीर के कमजोर अंग आदि विषयों पर मुख्य रूप से जानकारी दी जाएगी और प्रेक्टिकल व वीडियो एवं समूह चर्चा के माध्यम से स्कूलों में इस प्रशिक्षण की भावी कार्ययोजना तैयार कराई जाएगी।
इसके पहले प्रशिक्षण का शुभारंभ मां सरस्वती की प्रतिमा पर माल्यार्पण व दीप प्रज्वलित कर किया गया। इस अवसर पर सुमित कुमार, अमरनाथ द्विवेदी, सुरेश तिवारी, सुरेश पाण्डेय, नीरज कुमार, अजीत कुमार, वैभव प्रताप सिंह, आराधना, मंशा देवी, पुष्पा राय, रक्षा सिंह सहित 46 प्रतिभागी उपस्थित रहे।
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