विश्व हिन्दू परिषद ने अशोक सिंघल की मनायी जयन्ती
तेजस टूडे ब्यूरो
नरेश वर्मा
पीलीभीत। विश्व हिन्दू परिषद कार्यालय पर अशोक सिंघल जी की जयंती मनाई गई जहां सभी पदाधिकारियों व कार्यकर्ताओं ने पुष्प कर श्रद्धांजलि अर्पित की।
उनके जीवन पर प्रकाश डालाते हुये बताया गया कि 1984 में दिल्ली के विज्ञान भवन में एक धर्म संसद का आयोजन किया गया। श्री सिंघल इस के मुख्य संचालक थे। यहीं पर राम जन्मभूमि आंदोलन की रणनीति तय की गई। यहीं से सिंघल ने पूरी योजना के साथ कारसेवकों को अपने साथ जोड़ना शुरू किया। उन्होने देश भर से 50 हजार कारसेवक जुटाये। सभी कारसेवकों ने राम जन्मभूमि पर राम मंदिर स्थापना करने की कसम देश की प्रमुख नदियों के किनारे खायी। 1992 में विवादित ढाँचा तोड़ने वाले कारसेवकों का नेतृत्व सिंघल ने ही किया था। उनके योगदान से ही आज राम मंदिर बन पाया है। श्री सिंघल जी हिंदुत्व की रीड थे। वह छोटे—छोटे कार्यकर्ता की बात सुनते थे और अपने पास बैठाल कर समस्या को सुनते थे। विहिप की जो वैश्विक ख्याति है, उसमें अशोक सिंहल का योगदान सर्वाधिक है। श्री सिंघल परिषद के काम के विस्तार के लिए विदेश प्रवास पर भी जाते रहे। इस अवसर पर अरुण बाजपेई, अमरीश मिश्रा, प्रिंस गौड़, प्रवीन मोहन अग्रवाल, रणवीर पाठक, अजय राठौर, अमित गुप्ता, नारायण हरि, कुणाल सक्सेना, संजीव गुप्ता, नरेश वर्मा, सोनी पटेल, हरप्रीत कौर, रक्षिता पटेल, रजनी देवी सहित तमाम लोग उपस्थित रहे।
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