चंदौर की तत्कालीन सचिव ने प्रधान के फर्जी हस्ताक्षर से निकाले 1.20 लाख रूपये
गौशाला खाते से पूर्व सचिव ने खेला घिनौना खेल
तेजस टूडे ब्यूरो
रूपा गोयल
बांदा। जनपद के नरैनी विकास खंड अंतर्गत चंदौर ग्राम पंचायत में एक सनसनीखेज और शर्मनाक घोटाले ने प्रशासन की पोल खोल दी है। ग्राम पंचायत सचिव पूजा सिंह पर ग्राम प्रधान के फर्जी हस्ताक्षर बनाकर गौशाला खाते से 1,20,000 रुपये की राशि चुराने का आरोप लगा है। प्रधान प्रतिनिधि व प्रधान पति कमलेश सिंह यादव ने इस निंदनीय कृत्य का खुलासा करते हुए बताया कि यह राशि बिना किसी सहमति या जानकारी के निकाली गई। पूजा सिंह, जो अब बबेरू ब्लाक में स्थानांतरित हो चुकी हैं, इस कांड ने उनके भ्रष्ट चरित्र को पूरी तरह बेपर्दा कर दिया है। वैसे पूजा सिंह जहाँ जहाँ रहीं, अपने इन्हीं काले कारनमों की वजह से चर्चा में रही जसपुरा से चंदौर तक भ्रष्टाचार का सिलसिला पूजा सिंह का नाम भ्रष्टाचार के लिए नया नहीं है। इसके पहले वे जसपुरा विकास खंड में तैनात थीं जहां उन्होंने कई ग्राम पंचायतों में से लूट मचाई।
जसपुरा में उनके खिलाफ भ्रष्टाचार की शिकायतें और जांचें तो हुईं, लेकिन कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। सूत्रों के अनुसार पूजा सिंह ने नौकरी की आड़ में बेनामी संपत्तियां अर्जित कीं जिनमें लखनऊ में दो प्लॉट शामिल हैं। स्थानीय पत्रकार ने जब उनके काले कारनामों को उजागर करने की कोशिश की तो उन्हें धमकी भरे फोन काल्स मिले जिसके बाद वे मजबूरन चुप हो गए।सियासी संरक्षण का गंदा खेल चंदौर के इस घोटाले ने यह भी साफ कर दिया कि पूजा सिंह को जसपुरा के पूर्व ब्लाक प्रमुख और एक स्थानीय भाजपा नेता का खुला संरक्षण प्राप्त है। इस सियासी छत्रछाया के चलते वे बार-बार कार्रवाई से बचती रही हैं।
ग्रामीणों और पत्रकारों का कहना है कि पूजा सिंह ने अपनी तैनाती के दौरान न केवल सरकारी धन की बंदरबांट की, बल्कि अपनी अवैध कमाई से अकूत संपत्ति भी बनाई। उनकी आय से अधिक संपत्ति की जांच की मांग अब जोर पकड़ रही है।प्रशासन की चुप्पी, जनता में आक्रोश इस घोटाले ने चंदौर गांव के लोगों में भारी रोष पैदा कर दिया है। ग्रामीण सवाल उठा रहे हैं कि आखिर कब तक ऐसे भ्रष्ट अधिकारी बेखौफ सरकारी धन लूटते रहेंगे? प्रशासन की खामोशी और ढुलमुल रवैया इस मामले को और संदिग्ध बना रहा है। जनता अब मांग कर रही है कि पूजा सिंह के खिलाफ तत्काल कठोर कार्रवाई हो, उनकी संपत्तियों की जांच हो और इस घोटाले में शामिल सभी लोगों को सजा दी जाए। आगे क्या? यह मामला अब जिला प्रशासन के लिए एक बड़ी चुनौती बन गया है। क्या पूजा सिंह के खिलाफ कोई सख्त कदम उठाया जाएगा या यह मामला भी जांच के नाम पर ठंडे बस्ते में डाल दिया जाएगा? चंदौर की जनता और नरैनी क्षेत्र के लोग प्रशासन के अगले कदम पर नजर रखे हुए हैं। यह घोटाला न केवल पूजा सिंह की बेशर्मी को उजागर करता है, बल्कि ग्राम पंचायतों में व्याप्त भ्रष्टाचार और प्रशासन की नाकामी को भी सामने लाता है। प्रधानपति ने फोन पर बताया की उन्होने बीडीओ नरैनी को अवगत करा दिया है। जिलाधिकारी को लिखित रूप से अवगत कराऊंगा।
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