शिक्षामित्रों ने 5 सितम्बर को लखनऊ आन्दोलन में जाने के लिये भरी हुंकार शिक्षा मित्रों की ललकार नहीं सहेंगे अत्याचार

शिक्षामित्रों ने 5 सितम्बर को लखनऊ आन्दोलन में जाने के लिये भरी हुंकार
शिक्षा मित्रों की ललकार नहीं सहेंगे अत्याचार

तेजस टूडे ब्यूरो
शिवमंगल अग्रहरि
चित्रकूट। आगामी 5 सितम्बर से लखनऊ में शिक्षा मित्रों के होने वाले अनिश्चितकालीन धरना प्रदर्शन की तैयारियों के लिए उत्तर प्रदेश प्राथमिक शिक्षा मित्र संघ की रणनीतिक बैठक जिला मुख्यालय के तुलसी पार्क में आयोजित हुई। संघ के जिलाध्यक्ष इन्द्रसेन यादव ने कहा कि सरकार की गलत नीतियों एवं हठ धर्मिता के कारण प्रदेश में 10 हजार से भी ज्यादा शिक्षा मित्रों की मौत हो चुकी है। साथ ही लाखों शिक्षा मित्र और उनके परिवार आर्थिक और सामाजिक रूप से अपमानजनक जीवन जीने को मजबूर हैं। शिक्षा मित्र अब 5 सितम्बर को लखनऊ पहुँचकर सरकार की हठधर्मिता और तानाशाही का जवाब अपनी एकता से देंगे और अगर मांगने से भी शिक्षा मित्रों को उनका हक अधिकार नहीं मिला तो शिक्षा मित्र को अपना हक छीनना भी उसे आता है। वरिष्ठ नेता सर्वेश यादव ने कहा कि सरकार की हिटलर शाही ने 1 लाख 72 हजार शिक्षा मित्र परिवारों की रोजी-रोटी छीनकर उन्हें आर्थिक, मानसिक रूप से गुलाम बनाने का कार्य किया है। जिसे अब बर्दास्त नहीं किया जायेगा। उन्होंने कहा कि शिक्षा मित्रों का जीवन गत दो दसकों से प्रदेश की बेसिक शिक्षा को संवारने में गुजर गया। अब उम्र के तीसरे और अंतिम पडाव पर पहुंच चुके शिक्षा मित्रों से कोल्हू के बैल की तरह काम लिया जाता है। वर्तमान समय में सभी शिक्षा मित्र स्नातक, परास्नातक, दो वर्षीय दूरस्थ बीटीसी प्रशिक्षण, 24 साल शिक्षण के अनुभव के साथ टेट और सीटेट भी पास हैं। इसके बावजूद भी भेदभाव किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि अगर 5 सितम्बर के पहले सरकार शिक्षा मित्रों को समान काम के बदले समान वेतन देने का शासनादेश जारी नही करती तो आगामी 5 सितम्बर को लखनऊ में सरकार और शिक्षा मित्रों के बीच आर पार की जंग होगी। संघ के वरिष्ठ उपाध्यक्ष नन्द किशोर दीक्षित ने कहा कि सरकार ने 69000 शिक्षक भर्ती में अपने चहेते लोगों को शिक्षक बना दिया जो पूर्णतः अवैध और अयोग्य हैं। जब कोर्ट ने शिकंजा कसा और बाहर करने का आदेश दिया तो उन्हें बचाने के लिए सरकार ने उनकी चार साल की सेवा पर दया कर अध्यादेश लाकर उन्हें बचाना चाहती है, तो सरकार की यह मनमर्जी नही चलेगी। बैठक में सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि आगामी 5 सितम्बर के महा आन्दोलन के लिए सभी शिक्षा मित्र झण्डा और डंडा लेकर परिवार सहित 4 सितम्बर को लखनऊ के लिए प्रस्थान करेंगे। इस मौके पर सैयद अली, मुकेश यादव, राम प्रकाश पटेल, मीता करवरिया, शगुन गोस्वामी, मिथिला पांडेय, शिवकुमार यादव, प्रदीप यादव आदि मौजूद रहे।

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