मुखर्जी ने 53 वर्षों को देश की एकता—अखण्डता के लिये समर्पित कर दिया: मिथिलेश
ओमकार सिंह
अम्बेडकरनगर। भारतीय जनसंघ के संस्थापक डा. श्यामा प्रसाद मुखर्जी के जन्मदिवस पर भाजपा जिला कार्यालय अटल भवन में भाजपा कार्यकर्ताओं ने चित्र पर पुष्प अर्पित कर किए गए देश और समाज के प्रति उनके कार्यों को याद किया गया। डा. मुखर्जी की जन्म जयंती पर उनके चित्र पर पुष्प अर्पित कर भाजपा जिलाध्यक्ष डा. मिथिलेश त्रिपाठी ने कहा कि डा. मुखर्जी ने अपने जीवन के 53 वर्षो को देश की एकता अखंडता और समाज के लिए समर्पित कर दिया। उनका जीवन संघर्षों की एक अनूठी गाथा थी। 1924 में कलकत्ता उच्च न्यायालय में अधिवक्ता के रूप में नामांकन कराया। 1926 में इंग्लैंड गए और 1927 में लिंकन्स इन से वैरिस्टर की परीक्षा उत्तीर्ण किया।

उन्होंने कहा कि डा. मुखर्जी 33 वर्ष की अल्पआयु में कलकत्ता विश्वविद्यालय के कुलपति नियुक्त हुए और विश्व के सबसे कम उम्र के कुलपति होने का गौरव प्राप्त किया। जवाहर लाल नेहरू के अंतरिम सरकार में उद्योग एवं आपूर्ति मंत्री रहे। 6 अप्रैल 1950 में नेहरू और पाक प्रधानमंत्री लियाकत अली के वीच हुए समझौते के वाद मंत्रिमंडल से त्याग पत्र दे दिया। मुखर्जी ने 21 अक्टूबर 1951 को भारतीय जनसंघ की स्थापना किया। भारत की विघटनकारी कश्मीर की धारा 370 की पुरजोर विरोध आजीवन करते रहे। उनका मानना था कि धारा 370 राष्ट्रघातक प्रावधान है उसे हटाया जाना चाहिए। डा. मुखर्जी को 11 मई 1953 को कुख्यात परमिट सिस्टम का उलंघन कर कश्मीर में प्रवेश करते हुए गिरफ्तार कर लिया गया।
गिरफ्तारी के दौरान ही विषम परिस्थितियों में 23 जून 1953 को उनका स्वर्गवास हो गया।
डा. मुखर्जी के चित्र पर माल्यार्पण करने वालों में जिला मीडिया प्रभारी वाल्मीकि उपाध्याय, लोक लोकसभा विस्तारक राकेश गुप्ता, जिला मंत्री पंकज वर्मा, शिवपूजन राजभर, पिछड़ा वर्ग मोर्चा जिला महामंत्री रमेश यादव, आईटी जिला संयोजक मनीष मिश्र, मण्डल अध्यक्ष सदा राम वर्मा, नंद कुमार तिवारी, मण्डल मीडिया प्रभारी उमाशंकर सिंह, अशोक चौधरी, हितेंद्र सिंह, शशि द्विवेदी, शुभम पाण्डेय, मनी राम वर्मा आदि प्रमुख रहे।
आधुनिक तकनीक से करायें प्रचार, बिजनेस बढ़ाने पर करें विचार
हमारे न्यूज पोर्टल पर करायें सस्ते दर पर प्रचार प्रसार।









