2024 में मोदी फिर बनेंगे प्रधानमंत्री: रामभद्राचार्य

2024 में मोदी फिर बनेंगे प्रधानमंत्री: रामभद्राचार्य

श्रीराम कथा में बोले— श्रीरामचरितमानस पर बिल लाकर बनाएंगे राष्ट्रीय ग्रंथ
मोहित शर्मा
आगरा। आगरा में कोठी मीना बाजार स्थित चित्रकूट धाम पर जय श्री राम सेवा समिति की ओर से शुरू हुई श्री राम कथा का शुभारंभ शंकराचार्य वासुदेवानंद सरस्वती महाराज के उद्बोधन से हुआ। पूरे पंडाल में दर्शकों का समूह नजर आ रहा था। खचाखच भरे पंडाल में भक्त जय श्रीराम के उद्घोष लगा रहे थे।

शंकराचार्य वासुदेवानंद सरस्वती ने कहा कि राम कथा सुने तो चित्त को संगठित करके सुने। जिसके बाद स्वामी रामभद्राचार्य महाराज ने अपनी कथा की शुरुआत गणपति वंदना से की। उन्होंने कहा कि आगरा हमारा अग्रवन है और ब्रज का द्वार है। उन्होंने राम का अर्थ बताते हुए कहा कि रा का अर्थ है राष्ट्र और म का अर्थ मंगल यानी कि राम राष्ट्र के मंगल हैं, जो सबको मंगल देते हैं, वह राम हैं।

स्वामी रामभद्राचार्य ने कहा कि जिस स्थल पर यह श्री राम कथा हो रही है, उस मीना बाजार को मैं मीना बाजार नहीं, बल्कि सीता बाजार कहूंगा। यह मेरी 1367वीं कथा है। उन्होंने कहा कि राष्ट्रों के लिए भी राम श्रेष्ठ हैं। राम का दूसरे मायने में अर्थ रा से राघव और म से मैथिली है। वहीं रा से राधा और म से मधुसूदन है।

कथा सुनाते हुए स्वामी रामभद्राचार्य ने कहा कि मैंने लोगों को समझाया कि आप लोगों को धक्का लग रहा है। वैसे ही जीवन में मनुष्य धक्के ही खा रहा है। बिना सत्संग विवेक न होई भजन के साथ शुरू हुए सत्संग में श्रद्धालुओं को विवेक से काम लेने के बारे में समझाया। उन्होंने कहा हमारे जीवन में विवेक आना चाहिए। विवेक हमारी बेचारी की एकता को प्रदर्शित करता है।

कहा कि हमारा संतो के साथ अटैचमेंट होना चाहिए। अटैची से अटैचमेंट होता है। मेरे पास मेरे मन में शास्त्रों की अटैची है। ऋग्वेद से लेकर यह यजुर्वेद तक की अटैची है। साधु का जीवन कठिन है। साधु को जीवन भर संग्राम करना पड़ता है। मनुष्य को अच्छे कामों से लगाव होना चाहिए।

स्वामी रामभद्राचार्य ने सरकार का जिक्र करते हुए कहा मोदी सरकार ने भारत को पांचवी अर्थव्यवस्था बना दिया। 2024 में फिर मोदी जी प्रधानमंत्री की शपथ लेंगे और संसद में रामचरितमानस का बिल लाकर राष्ट्रीय ग्रंथ बनाएंगे। उन्होंने सांसद रामशंकर कठेरिया से कहा कि गुरु दक्षिणा लेना इतना आसान नहीं। वह भी सांसद हैं। रामचरितमानस को राष्ट्रीय ग्रंथ बनाने में सहयोग करना चाहिए। इस अवसर पर मुख्य आयोजक सांसद प्रो. रामशंकर कठेरिया, डा. मृदुला कठेरिया, विधायक डा. जीएस धर्मेश, पूर्व राज्यमंत्री चौधरी उदयभान सिंह, निर्मला दीक्षित, अजय अवागढ़, गौरव बंसल, केशव अग्रवाल, स्वदेश वर्मा, राकेश अग्रवाल, दिनेश अग्रवाल, सुनील मित्तल, आलोक जैन, पीयूष सिंघल, सतीश गुप्ता, कमलनयन फतेहपुरिया, प्रशांत मित्तल, लक्ष्मण गोयल, निधि बंसल, रजनी अग्रवाल, रिचा जैन, संगीता मित्तल आदि मौजूद रहे।

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