‘जपियो जिन अर्जन देव गुरु’ शबदों से मनाया गया शहीदी पर्व
राहगीरों के लिये लगी छबील, चला गुरु का अटूट लंगर
तेजस टूडे ब्यूरो
अब्दुल शाहिद
बहराइच। नगर के मुख्य गुरुद्वारा श्री गुरु सिंह सभा में शहीदों के सरताज कहे जाने वाले, सिख धर्म के पहले शहीद श्री गुरु अर्जन देव जी का शहीदी पर्व मनाया गया।
श्री गुरु अर्जन देव जी के शहीदी पर्व के निमित्त गुरुद्वारा श्री गुरु सिंह सभा पीपल चौराहा में पिछले 40 दिनों से स्त्री संगत द्वारा सुखमनी साहिब के पाठ की लड़ी निरंतर चलती रही। आज शहीदी पर्व पर गुरुद्वारा परिसर के बाहर राहगीरों के लिए छबील लगाई गई। गुरूद्वारे प्रबंध समिति अध्यक्ष मनदीप सिंह वालिया ने बताया कि पंजाब के भठिंडा से आये रागी जत्था भाई जसप्रीत सिंह जी एवं लखनऊ के रागी भाई दिलेर सिंह जी ने अपने शब्द कीर्तन से संगत को भावुक कर दिया। दिल्ली के ज्ञानी हरपाल सिंह जी ने शहीदी पर्व का इतिहास बताया कि श्री गुरु अर्जुन देव जी का संगत को एक बड़ा संदेश था कि परमेश्वर की रजा में राजी रहना चाहिए, जब जहांगीर के आदेश पर गुरु जी को आग पर तप रहे तवे पर बिठा दिया और गरम रेत डाली जा रही थी तब भी गुरूजी परमेश्वर का शुक्राना कर रहे थे और गुरु जी के मुख से निकल रहा था ‘तेरा कीया मीठा लागै॥ हरि नामु पदार्थ नानक मांगै॥’ इतिहास सुनकर संगत की आंखें नम हो गई। इसके उपरांत हजुरी रागी फतेह सिंह जी ने शहीदी पर्व पर गुरबाणी कीर्तन करके संगत को निहाल किया। हेडग्रंथि ज्ञानी विक्रम सिंह जी के द्वारा अरदास के उपरांत गुरु का अटूट लंगर चला। इस मौके पर गुरुद्वारा श्री गुरु सिंह सभा के संरक्षक मनजीत सिंह शम्पी, अध्यक्ष मनदीप सिंह वालिया, महामंत्री भूपेंद्र सिंह वालिया, देवेंद्र सिंह बेदी, डॉ. बलमीत कौर, प्रसाशनिक व मीडिया प्रभारी परविंदर सिंह सम्मी, देवेन्द्र पाल सिंह, दशमिन्दर सिंह, जगजीत सिंह, गुरमीत सिंह मिंटू, कुलदीप सिंह, इंदर सिंह, गुरप्रीत सिंह, नरेंद्र पाल सिंह, सुरेंद्र सिंह, जसवंत कौर, बलबीर कौर, बलजीत कौर आदि उपस्थित रहे।
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