न्यायालय के स्थगनादेश के बावजूद जमीन पर कब्जा, दबंगों की मनमानी से ग्रामीण में आक्रोश
चक भगवान दास में गाटा में अवैध कब्जे का आरोप, प्रशासन की निष्क्रियता पर उठे सवाल
तेजस टूडे ब्यूरो
मऊ। जनपद के तहसील घोसी अंतर्गत थाना दोहरी घाट क्षेत्र के ग्राम चक भगवान दास में कानून व्यवस्था और न्यायिक आदेशों की खुलेआम अनदेखी का मामला सामने आया है। यहां गाटा संख्या 448, 450, 453 एवं 472 की भूमि पर सिविल न्यायालय द्वारा स्पष्ट रूप से स्थगन आदेश (स्टे) जारी होने के बावजूद कथित तौर पर दबंगों द्वारा अवैध कब्जा किए जाने का गंभीर आरोप लगाया गया है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार गाटा संख्या 453 में शिवशंकर श्रीवास्तव पुत्र स्व. मोती चंद श्रीवास्तव द्वारा कुछ स्थानीय दबंग व्यक्तियों के साथ मिलकर जबरन कब्जा किया जा रहा है। आरोप है कि इस कार्य में रमेश, पत्नी गुड्डी चौहान तथा मुन्नर पुत्र स्व. सुरस्वती की सक्रिय भूमिका है। वहीं गाटा संख्या 448 एवं 450 पर जयराम चौहान सहित अन्य लोगों द्वारा भी अतिक्रमण किए जाने की शिकायत सामने आई है। यह घटना न केवल न्यायालय के आदेश की अवमानना का संकेत देती है, बल्कि स्थानीय प्रशासन की कार्यप्रणाली पर भी गंभीर प्रश्नचिह्न खड़ा करती है। यदि न्यायालय के स्पष्ट निर्देशों के बावजूद इस प्रकार की गतिविधियां निर्बाध रूप से जारी रहती हैं तो आम नागरिकों का कानून और व्यवस्था पर विश्वास डगमगाना स्वाभाविक है।
ग्रामीणों का कहना है कि उन्होंने कई बार संबंधित अधिकारियों को सूचित किया किंतु अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है। इससे क्षेत्र में असंतोष और भय का माहौल व्याप्त है। विशेषज्ञों का मानना है कि इस प्रकार के मामलों में प्रशासन को तत्काल हस्तक्षेप कर न केवल अवैध कब्जा रोकना चाहिए, बल्कि दोषियों के विरुद्ध कड़ी कानूनी कार्रवाई भी सुनिश्चित करनी चाहिए, ताकि न्यायिक आदेशों की गरिमा बनी रहे। यह मामला एक बार फिर यह सोचने पर मजबूर करता है कि क्या न्यायालय के आदेश केवल कागजों तक सीमित रह गए हैं या फिर प्रशासन उन्हें जमीन पर लागू कराने के लिए गंभीरता से प्रयास करेगा। अब देखना यह होगा कि जिम्मेदार अधिकारी इस प्रकरण में कितनी तत्परता दिखाते हैं और पीड़ित को न्याय दिलाने में कितने सफल होते हैं।
आधुनिक तकनीक से करायें प्रचार, बिजनेस बढ़ाने पर करें विचार
हमारे न्यूज पोर्टल पर करायें सस्ते दर पर प्रचार प्रसार।










