मित्रता की मिसाल रही कृष्ण-सुदामा की मित्रता: कथा व्यास
राघवेन्द्र पाण्डेय
अमेठी। संग्रामपुर के कंधई पांडेय का पुरवा बेलखरी गांव में चल रही श्रीमद्भागवत कथा के अंतिम दिन कथा व्यास ने सुदामा चरित्र और और राजा परीक्षित मोक्ष की कथा सुनाई। कथा के विश्राम दिवस पर बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं की मौजूदगी रही।
कथा के विश्राम दिवस पर व्यास ने सुदामा चरित्र की कथा में बताया कि सन्तोष को ही सबसे बड़ा धन मानकर सुदामा ने धर्म आचरण का ही पालन किया। सुदामा की पत्नी सुशीला ने भी अपने पति के धर्म मे बाधक नहीं बनी। व्यास ने कहा कि पत्नी का धर्म भी यही होता है कि अपने पति को धर्म के आचरण के लिए प्रेरित करते हुए उनके साथ हर कदम पर रहे अन्यथा पत्नी अपने पति के पतन का कारण बन जाती है।
सुदामा और श्री कृष्ण की मित्रता का भी बड़ा ही सुंदर और भावुक वर्णन व्यास ने किया। कथा में राजा परीक्षित मोक्ष के बारे में बताते हुए व्यास ने बताया कि कलियुग ने अपने पल भर के प्रकोप से धर्म परायण राजा परीक्षित से पाप कर्म के लिए विवश कर दिया था। व्यास ने कहा कि आज हम सबको इस बात का विशेष ध्यान सदैव रखना चाहिए कि किसी भी परिस्थिति में अपने धर्म मार्ग से विचलित न हो। इस अवसर पर कालिकन धाम पीठाधीश्वर श्री महाराज, आयोजक मण्डल में सतीश पांडेय, शिक्षक गिरीश पांडेय, अजय पांडेय के साथ बड़ी संख्या में लोग मौजूद रहे। कथा यजमान राम मिलन पांडेय व नरायन देई ने आये श्रोताओं के प्रति आभार व्यक्त किया।

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