समाज में अखबारों की विश्वसनीयता कायम रखें पत्रकार: रमन
तेजस टूडे ब्यूरो
राघवेन्द्र पाण्डेय
अमेठी। समाचार पत्र आम जनता के बीच विश्वास का प्रतीक हैं। लोगों की विश्वसनीयता कायम रहे यह दायित्व भी पत्रकारों के ही कंधे पर है।
इसके लिए पत्रकार सजग रहें। उक्त वक्तव्य हिन्दी पत्रकारिता दिवस पर पत्रकार एसोसिएशन की ओर से आयोजित कार्यक्रम को सम्बोधित करते हुये वरिष्ठ पत्रकार अम्बरीश मिश्र ने दिये। उन्होंने पत्रकारिता के समक्ष खड़े साख के संकट पर चिंता जाहिर की। 30 मई 1826 से हिन्दी पत्रकारिता के लंबे इतिहास को बताते हुए प्रथम हिंदी समाचार पत्र उदंत मार्तण्ड और पंडित युगल किशोर शुक्ल को याद करते हुए उनके सिद्धांत का अनुसरण कर पत्रकारों को साख के संकट से बचने की अपील की।साथ ही नैतिक बल को संजोकर अपनी जिम्मेदारी निभाने को कहा। कार्यक्रम का शुभारंभ अतिथियों द्वारा भगवती सरस्वती के चित्र पर माल्यार्पण और दीप प्रज्वलन के साथ हुआ।संयोजक रमन पांडेय ने स्वागत भाषण करते हुए कहा कि समाज में पत्रकारों की बहुत बड़ी भूमिका है आज पत्रकारिता दिवस पर हम पत्रकारों से यह अपेक्षा रखते हैं कि वह अपने दायित्व का सतत निर्वहन करें। संतोष श्रीवास्तव ने कहा कि आज पत्रकारिता के समक्ष कठिन चुनौतियां है। जनप्रतिनिधि को जिम्मेदार बनाना हमारी ही जिम्मेदारी है। पैसा कमाने की होड़ में नैतिकता का ह्रास हुआ है। पत्रकारों के शोषण और प्रभावशाली लोगों का पत्रकारों पर प्रभाव जमाने का प्रकरण उठाते हुए उन्होंने पत्रकारिता के समक्ष इसे गहरा संकट बताया। उन्होंने धरातल पर पत्रकारों के समक्ष खड़ी होने वाली चुनौतियों पर विस्तार से चर्चा की।पत्रकार अंजनी मिश्र ने कहा कि आज के इस दौर में पत्रकारों को बहुत संघर्ष करना पड़ रहा है। विकास शुक्ल ने कहा कि पत्रकारिता बहुत बड़ी जिम्मेदारी है एक एक शब्द का चयन किस प्रकार किया जाता है यह एक जिम्मेदार ही कर सकता है क्योंकि समाज और राष्ट्र को दिशा देने का काम मीडिया ही करती है। राघवेंद्र पांडेय ने कहा कि हिंदी पत्रकारिता का शुभारंभ पंडित युगल किशोर शुक्ल के उदंत मार्तंड नामक हिंदी समाचार पत्र के प्रकाशन के साथ हुआ उन्होंने उस समय की परिस्थितियों पर भी विस्तार से प्रकाश डाला। स्वामी नाथ शुक्ल ने कहा कि पत्रकारिता समाज का दर्पण है। पत्रकार ही हर पीडित की आवाज है। यह आवाज़ हमेशा बुलंद रहे इसी में लोकतंत्र का हित है। कार्यक्रम का संचालन कर रहे धर्मेंद्र तिवारी ने कहा समाज को दिशा देने का कार्य सर्वथा पत्रकारिता ही करती है लिहाजा पत्रकारों को देश काल और परिस्थिति के अनुसार अपनी जिम्मेदारी तय करनी चाहिए। इस मौके पर विनोद सिंह, राघवेंद्र पांडेय, सीपी मौर्य, विकास शुक्ला, महेश अग्रहरि, अंजनी मिश्रा, शाहिद आदि मौजूद रहे।
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