थानाध्यक्ष यजुवेन्द्र सिंह की पहल से बना स्मार्ट पुलिस स्टेशन
जनसहयोग एवं नवाचार का संगम, तुलसी वाटिका से डिजिटल सिस्टम तक दिखी बदलाव की नयी बयार
तेजस टूडे सं. डाॅ. प्रदीप दूबे सुइथाकला, जौनपुर। वर्ष 1902 में ब्रिटिश शासनकाल में स्थापित स्थानीय थाना अब आधुनिक सुविधाओं से सुसज्जित होकर नए स्वरूप में नजर आ रहा है। थानाध्यक्ष यजुवेंद्र सिंह की सृजनात्मक सोच और कार्यकुशलता के चलते 124 वर्ष पुराने इस ऐतिहासिक थाने का कायाकल्प किया गया है। पुरानी विरासत को संरक्षित रखते हुए थाना परिसर को आधुनिक सुविधाओं से लैस कर स्मार्ट पुलिस स्टेशन के रूप में विकसित किया गया है।
थाना परिसर में सीसीटीवी नेटवर्क, डिजिटल रिकॉर्डिंग सिस्टम, सुव्यवस्थित कार्यालय, खेल मैदान, कैंटीन सहित जनसुविधाओं का विस्तार किया गया है। महिलाओं और बुजुर्गों की सुविधा के लिए विशेष काउंसलिंग रूम तथा 24 घंटे हेल्प डेस्क की व्यवस्था भी की गई है।अक्टूबर 2025 में सरपतहां थाने का कार्यभार संभालने के बाद थानाध्यक्ष यजुवेंद्र सिंह ने जनसहयोग से थाना परिसर स्थित शिव मंदिर का जीर्णोद्धार कराया।
मंदिर परिसर के समीप प्रमुख प्रतिनिधि डॉ. उमेश चंद्र तिवारी के संयोजन में पार्क और इंटरलॉकिंग का निर्माण भी कराया गया। इसके बाद उन्होंने थाने के जर्जर भवन को बिना ध्वस्त किए चरणबद्ध तरीके से नया स्वरूप देने का संकल्प लिया जो अब साकार होता दिखाई दे रहा है। थाना परिसर में प्रवेश करते ही आकर्षक तुलसी वाटिका लोगों का ध्यान अपनी ओर खींचती है। इसकी देख—रेख के लिए स्वयं थानाध्यक्ष प्रतिदिन सुबह श्रमदान करते हैं। उनके इस प्रयास से प्रेरित होकर पुलिसकर्मी भी परिसर की स्वच्छता और सौंदर्यीकरण में सहयोग करते हैं।
थानाध्यक्ष यजुवेंद्र सिंह ने बताया कि कर्मभूमि के प्रति निष्ठा और जनसहयोग के बल पर यह कार्य संभव हो सका है। इसके पूर्व खेतासराय, बक्सा, मछलीशहर कोतवाली, सिकरारा, सिंगरामऊ, सुजानगंज समेत कई थानों में भी उन्होंने आधारभूत सुविधाओं के विकास और सौंदर्यीकरण का प्रयास किया। गाजीपुर जनपद में खानपुर थाना, जंगीपुर थाना, बारा व रजागंज पुलिस चौकियों के कायाकल्प के दौरान तत्कालीन पुलिस अधीक्षक ओम प्रकाश सिंह उन्हें थाने का विश्वकर्मा कहकर संबोधित करते थे।
स्थानीय लोगों का कहना है कि थानाध्यक्ष श्री सिंह की सृजनात्मक पहल और कार्यशैली अन्य थानों के लिए भी प्रेरणास्रोत बन सकती है। आधुनिक सुविधाओं और स्वच्छ वातावरण से लैस सरपतहां थाना अब कानून-व्यवस्था के साथ जनसेवा का भी एक बेहतर मॉडल बनकर उभरा है।
ब्रिटिश समय का बना थाना जीर्णोद्धार के बाद अत्यंत सुंदर दिखता है। पुलिस विभाग में यह एक अनुकरणीयऔर रचनात्मक कार्य है। इसके लिए थानाध्यक्ष एवं उनके स्टाफ को पुरस्कृत किया जाना चाहिए।
सतीश सिंह
राज्य पुरस्कार प्राप्त शिक्षक
ग्राम पंचायत कम्मरपुर।
ऐतिहासिक थाने की विरासत को संरक्षित रखते हुए आधुनिक सुविधाओं से सुसज्जित करना एक अनुकरणीय कार्य है। सरपतहां थाना आज जिले के अन्य थानों के लिए प्रेरणा का केंद्र बन गया है।प्रवेश द्वार पर निर्मित तुलसी वाटिका जनमानस को आत्मिक सुख की अनुभूति कराती है।
डा. मो. शाहिद
वरिष्ठ चिकित्सक
सुइथाकला।
थानाध्यक्ष यजुवेंद्र सिंह ने जनसहयोग से सरपतहां थाने को जो नया स्वरूप दिया है, वह सराहनीय है। यह पहल पुलिस और जनता के बीच विश्वास को और मजबूत करने का कार्य करेगी।
अजय दीक्षित
समाजसेवी
ग्राम पंचायत सवायन
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